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नाहन की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, केंद्र से मिले ₹260 करोड़ के बावजूद 500 बेड के अस्पताल का निर्माण ठप; जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही कांग्रेस सरकार : डॉ. राजीव बिंदल

नाहन की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, केंद्र से मिले ₹260 करोड़ के बावजूद 500 बेड के अस्पताल का निर्माण ठप; जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही कांग्रेस सरकार : डॉ. राजीव बिंदल

13 स्कूल, 5 पटवार सर्कल, 4 स्वास्थ्य संस्थान, 5 पशु चिकित्सा संस्थान और उप-तहसील बंद; भाजपा ने राज्यपाल को भेजा प्रस्ताव : डॉ. राजीव बिंदल

नाहन। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की अध्यक्षता में भारतीय जनता पार्टी नाहन विधानसभा क्षेत्र की महत्वपूर्ण बैठक हिन्दू आश्रम, नाहन में आयोजित की गई। बैठक में नाहन विधानसभा क्षेत्र में लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़कों की बदहाल स्थिति और सरकारी संस्थानों को बंद किए जाने सहित जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में इन सभी विषयों को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को भेजा गया।

डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नाहन विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। नाहन में 500 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल का निर्माण किया जा रहा था, जिसके लिए केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ₹260 करोड़ उपलब्ध करवाए गए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद इस महत्वपूर्ण अस्पताल भवन का निर्माण कार्य रुक गया।

उन्होंने कहा कि यदि इस परियोजना को निर्धारित गति से पूरा किया गया होता तो आज नाहन की जनता को 500 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल की सुविधा मिल रही होती। इसके विपरीत वर्तमान स्थिति यह है कि पुराने और जर्जर भवन में अस्पताल चल रहा है तथा हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि एक-एक बिस्तर पर तीन-तीन मरीजों को उपचार करवाने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रस्तावित नए अस्पताल भवन में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक इमरजेंसी, बच्चों की नर्सरी, कैंसर अस्पताल, माता-शिशु अस्पताल, एमआरआई मशीन, मरीजों के लिए कैंटीन और सात मंजिला पार्किंग जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रस्तावित थीं। भवन तैयार नहीं होने के कारण अत्याधुनिक मशीनरी भी स्थापित नहीं हो पा रही है।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त लगभग ₹70 करोड़ की लागत से नर्सिंग कॉलेज का निर्माण प्रस्तावित था। अस्पताल और नर्सिंग कॉलेज जैसी परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से जहां सिरमौर की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलतीं, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा होते।

डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्तमान अस्पताल में चार में से दो ऑपरेशन थिएटर बंद पड़े हैं। सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं प्रभावित हैं तथा कई प्रकार के टेस्ट मरीजों को बाहर से करवाने पड़ रहे हैं। अस्पताल में पर्ची के लिए शुल्क लेने, बाहर से दवाइयां लिखे जाने और हिमकेयर एवं आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलने में समस्याओं की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि यदि 500 बिस्तरों का अस्पताल पूरी क्षमता के साथ शुरू हो जाता तो यहां लगभग 1000 कर्मचारियों की व्यवस्था, 500 बेड, प्रतिदिन हजारों मरीजों के उपचार की क्षमता और आठ ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकती थीं। नर्सिंग कॉलेज शुरू होने से करीब 500 नर्सिंग विद्यार्थियों और संबंधित स्टाफ के लिए भी अवसर पैदा होते।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समस्या केवल नाहन अस्पताल तक सीमित नहीं है। पंजाहल, त्रिलोकपुर, सैनवाला-मुबारिकपुर, रामपुर-भारापुर, जमटा और बनेठी सहित विभिन्न क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस सरकार और स्थानीय कांग्रेस विधायक को बताना चाहिए कि आखिर नाहन विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को इस स्थिति में क्यों पहुंचने दिया गया।

डॉ. बिंदल ने सड़कों की स्थिति पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि नाहन विधानसभा क्षेत्र की अनेक सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बरसात में कई स्थानों पर सड़कें दलदल और तालाब का रूप ले लेती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर गड्ढे भरने के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री के स्थान पर मिट्टी डालकर केवल खानापूर्ति की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की संस्थान बंद करने की नीति ने ग्रामीण जनता की परेशानियां और बढ़ाई हैं। नाहन विधानसभा क्षेत्र में 13 स्कूल, 5 पटवार सर्कल, 4 सीएचसी एवं पीएचसी, 5 पशु चिकित्सा संस्थान और एक उप-तहसील बंद किए जाने से लोगों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए भी दूर जाना पड़ रहा है।

उन्होंने हाउसिंग बोर्ड कार्यालय को स्थानांतरित किए जाने और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में पर्याप्त वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने पर भी सवाल उठाए।

डॉ. बिंदल ने कहा, “नाहन की जनता कांग्रेस सरकार से पूछ रही है कि केंद्र सरकार द्वारा ₹260 करोड़ उपलब्ध करवाने के बावजूद 500 बेड का अस्पताल क्यों नहीं बन पाया? दो ऑपरेशन थिएटर क्यों बंद हैं? सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और टेस्ट जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं क्यों प्रभावित हैं? और जनता की सुविधा के लिए खोले गए स्कूल, स्वास्थ्य संस्थान, पटवार सर्कल और अन्य कार्यालय आखिर क्यों बंद किए गए?”

उन्होंने कहा कि भाजपा नाहन की जनता के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी। 500 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने, स्वास्थ्य सुविधाओं को बहाल करने, बंद किए गए संस्थानों को पुनः खोलने और सड़कों की स्थिति सुधारने की मांग को लेकर भाजपा सरकार पर लगातार दबाव बनाएगी।

डॉ. बिंदल ने कहा कि बैठक में पारित प्रस्ताव के माध्यम से राज्यपाल से भी इन गंभीर जनहित के विषयों का उचित संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है। नाहन की जनता के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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