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हिमाचल प्रदेश के नाहन शहर में शुक्रवार को हुई हिंसा के बाद रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकली। प्रशासन और विधायक की पहल के बाद दोनों समुदाय अपनी गलती मानकर एक हो गए व पुराने तय रूट पर भव्य शोभायात्रा निकली। शुक्रवार को जो लोग एक दूसरे पर पत्थर बरसा रहे थे, रविवार को फूल बरसाते दिखे। इस दौरान दोनों समुदाय के लोगों ने जयकारे भी लगाए।
शुक्रवार दोपहर को वाल्मीकि और सिख समुदाय के बीच उपजे तनाव और पथराव की घटना के बाद शहर के आपसी भाईचारे को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कई दौर की बातचीत हुई। सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने शोभायात्रा का रूट बदलने का निर्णय लिया था। हालांकि, मोहल्ला गोबिंदगढ़ के लोग भी नहीं चाहते थे कि नाहन की सदियों पुरानी भाईचारे और सौहार्द की परंपरा पर इस घटनाक्रम का असर ना पड़े।
विधायक अजय सोलंकी की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दोनों समुदाय के लोगों की बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शोभायात्रा महर्षि वाल्मीकि मंदिर से शुरू होकर मोहल्ला गोबिंदगढ़ से होते हुए दिल्ली गेट पुराने रूट से ही गुजरेगी। मोहल्ला गोबिंदगढ़ में सिख समुदाय के लोग शोभायात्रा का स्वागत करेंगे और वाल्मीकि मंदिर से दिल्ली गेट तक साथ चलेंगे। और शोभायात्रा के दौरान ऐसा ही हुआ, किसी तरह की कोई हिंसक घटना नहीं हुई।
टूट-फूट की मरम्मत करेंगे सिख युवा
इस घटनाक्रम के बीच रविवार को एक और सकारात्मक पहल सामने आई है। सिख समुदाय के कुछ युवाओं की ओर से प्रस्ताव दिया गया है कि विवाद के दौरान वाल्मीकि चौक पर जो भी टूट-फूट हुई है, उसकी मरम्मत सिख समुदाय के युवा स्वयं करवाएंगे। इस पहल को दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बता दे कि रविवार दोपहर बाद शोभा यात्रा निकलनी है।
सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन के महर्षि वाल्मीकि चौक पर 23 अक्टूबर को सिख समुदाय के युवक गत वर्ष तूफान में टूटे हुए स्वागत द्वार की मरम्मत को पहुंचे थे। वहीं दूसरी तरफ सेल्फी पॉइंट का निर्माण कर रहे वाल्मीकि समुदाय के लोगों के साथ किसी बात को लेकर सिख समुदाय के युवकों की बहस शुरू हुई, जो कि बाद में झड़प और पत्थरबाजी में बदल गई।
पुलिस कर्मी भी हुए थे घायल
घटना में पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों के घायल होने, वाहनों को नुकसान पहुंचने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ था। वही पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने संबंधी कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।









