Khabron wala
हिमाचल प्रदेश का नाहन शहर पुलिस छावनी में बदल गया है। वाल्मीकि चौक में पुलिस का कड़ा पहरा है। अन्य राज्यों के नंबरों की गाड़ियों की पूरी तरह से जांच की जा रही है। शहर में एंटर करने वाले बाहरी वाहनों की जांच काशीवाला और वाल्मीकि चौक में सुबह से ही की जा रही है।
नाहन शहर में शुक्रवार दोपहर को वाल्मीकि समाज और सिख समुदाय के बीच पत्थरबाजी की घटना के बाद जिला दंडाधिकारी ने तीन दिन तक किसी भी प्रकार के धरना प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। जिला प्रशासन को सूचना मिली है कि पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ से वाल्मीकि व सिख समुदाय के लोग वाल्मीकि चौक पर एकत्रित होकर कर धरना प्रदर्शन कर सकते हैं। वाल्मीकि चौक को हुए नुकसान के विरोध में नए सिरे से टकराव, सार्वजनिक शांति एवं सांप्रदायिक सद्भाव में बाधा उत्पन्न होने की आशंका जताई गई हैं।
जिला प्रशासन ने ऐतिहातन के तौर पर नाहन शहर में 29 अक्टूबर तक धारा 163 की लागू कर दी। जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठे होने व प्रदर्शन पर रोक रहेगी। साथ ही घातक हथियारों और किसी भी प्रकार के शस्त्रों को साथ लेकर चलने की मनाही होगी। बिना इजाज़त के पब्लिक रैली, जुलूस और प्रदर्शन, भूख हड़ताल, धरना, नारे लगाना पर प्रतिबंध रहेगा।
पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए रिजर्व बटालियन की टुकड़ियां तैनात की गई है। जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी पूरे शहर का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
यह आदेश सरकारी/मजिस्ट्रेट ड्यूटी पर तैनात अधिकारी, फायर सर्विस, पुलिस/सेना/अर्धसैनिक बल, बिजली, पानी नगर पालिका सेवाएं, मेडिकल इमरजेंसी वाहन और प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कर्मचारियों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे।
एसपी ने किया आगाह
जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनता से अपील है कि क्षेत्र में शांति, सौहार्द एवं आपसी भाईचारा बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी निषेधाज्ञा का पूर्ण पालन करें। किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और न ही सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ, भ्रामक अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री पोस्ट या फॉरवर्ड करें।








