सोशल मीडिया पर लोग विधायक सुखराम चौधरी को आड़े हाथों ले रहे हैं लोग कह रहे हैं कि विधायक साहब आपने तो चेक ले लिया लेकिन हम लोग कहां जाएंगे हमारे बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं वह आप और आपकी सरकार ने कह दिया कि पूरी फीस देनी पड़ेगी यह कहां का न्याय है शर्म आनी चाहिए ऐसी सरकार को और उसके विधायकों जो पब्लिक की चिंता ना कर के पूंजीपति स्कूल के मालिकों की चिंता कर रहे हैं भाई मिली जानकारी के अनुसार स्कूल डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा यह चेक विधायक सुखराम चौधरी के माध्यम से मुख्यमंत्री कोविड-19 राहत कोष मे दिया गया है इसलिए यह कहना भी मुनासिब नहीं होगा कि सुखराम चौधरी ने चेक ले लिया है
गौरतलब है कि गत दिनों की सरकार का एक फरमान जारी हुआ था जिसमें कहा गया था कि वह प्राइवेट स्कूलों की मर्जी है कि लॉकडाउन के दौरान अप्रैल माह की फीस माफ करें या ले परंतु अधिकतर प्राइवेट स्कूल फीस लेने के पक्ष में है वही गरीब तथा मध्य वर्गीय अभिभावक फीस को ना देने के पक्ष में है स्कूलों का पक्ष है कि उनके इतने खर्चे हैं खर्चों को बिना फीस के कैसे पूरी करेंगे वही स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अगर आप अपने बच्चों की फीस नहीं दे सकते तो उन्हें प्राइवेट स्कूल में ना पढ़ाकर सरकारी स्कूल में क्यों नहीं पढ़ाते इसलिए कई अभिभावक आवाज उठाने से भी डरते हैं











