शिमला पुलिस ने 2 बड़े अंतर्राज्यीय ड्रग नैटवर्क का किया पर्दाफाश, मोहाली और चंडीगढ़ से दबोचे मुख्य सप्लायर

Khabron wala 

नशा माफियाओं के खिलाफ शिमला पुलिस का जीरो टॉलरैंस अभियान अब एक नए और आक्रामक स्तर पर पहुंच चुका है। पुलिस अब सिर्फ छोटी-छोटी पुड़ियां पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि बैकवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर तस्करों की जड़ें खोद रही है। इस रणनीति के तहत पुलिस ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब तक फैले 2 बड़े अंतर्राज्यीय ड्रग नैटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सप्लायरों को दबोचा है। पुलिस के इस अभियान की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 में अब तक 48 अंतर्राज्यीय नैटवर्क ध्वस्त किए जा चुके हैं और 58 मुख्य सरगनाओं को सलाखों के पीछे धकेला जा चुका है। शनिवार को एएसपी शिमला मेहर पंवार ने एक प्रैस वार्ता कर इन दो बड़ी कारवाइयों की इनसाइड स्टोरी मीडिया से सांझा की।

एएसपी मेहर पंवार ने बताया कि 15 मार्च को पुलिस ने रोहड़ू के सार्थक सूद को महज 9 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जब पुलिस ने कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो जांच उत्तर प्रदेश तक जा पहुंची और वहां से अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 15 जुलाई को चंडीगढ़ से वासु उर्फ हर्ष निवासी राजस्थान को धर दबोचा गया। इनकी डिजिटल और वित्तीय जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में पाया गया कि अमित ने वासु के बैंक खाते में 3.50 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। हैरानी की बात यह रही कि वासु के पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं था, फिर भी पिछले 6 महीनों में उसके खाते में 14 लाख रुपए से अधिक का अवैध लेन-देन पाया गया।

दूसरे बड़े मामले का खुलासा करते हुए एएसपी ने बताया कि 3 जुलाई को हुल्ली क्षेत्र में 64 ग्राम चिट्टे के साथ रक्षित, राहुल और लवली नामक तीन आरोपियों को पकड़ा गया था। जब पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज खंगाले तो इस खेप का पंजाब कनैक्शन सामने आया। इस नैटवर्क का मुख्य सप्लायर अमित महेव पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, लेकिन शिमला पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी का जाल बिछाकर शनिवार को उसे पंजाब के मोहाली से धर दबोचा।

तस्करों की संपत्तियों पर भी गिरेगी गाज : एएसपी

एएसपी मेहर पंवार ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि शिमला पुलिस का लक्ष्य अब सिर्फ नशे की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि इस संगठित अंतर्राज्यीय ड्रग नैटवर्क को जड़ से उखाड़ फैंकना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम तस्करों की अवैध संपत्तियों और उनके वित्तीय लेन-देन की भी बारीकी से जांच कर रहे हैं, ताकि इस काले कारोबार के आर्थिक तंत्र पर घातक प्रहार किया जा सके। एएसपी ने कहा कि देवभूमि हिमाचल में युवाओं की रगों में जहर घोलने वाले किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस का यह अभियान भविष्य में इसी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा।

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