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पांवटा साहिब : बंसत उत्सव पर दून प्रेस क्लब की ओर से हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन

जिला भाषा एंव संस्कृति विभाग के सहयोग से दून प्रेस क्लब की ओर से यहां स्थानीय विश्राम गृह में बंसत पंचती की पूर्व संध्या पर आयोजित बंसत उत्सव पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिला व स्थानीय करीब दो दर्जन से अधिक कवियों ने अपनी अपनी रचनाएं पढ़ी। इस कवि सम्मेलन में मां की ममता और ग्रामीण परिवेश से लेकर पहाड़ी व पंजाबी की कई कविता पढ़कर कवि सम्मेलन को यादगार बना दिया।

कई कवियों ने हास्य के रंग बिखर दिए। तो कभी शाहीन बाग के धरने पर गहरी चोट की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्व साहित्यकार एंव कवि केएस गतवाल व विशिष्ठ अतिथि हिमाचल प्रदेश कृर्षि एंव ग्रामीण विकास बैंक के निदेशक अरविंद गुप्ता ने इस सफल आयोजन पर सभी को बधाई दी। और कार्यक्रम में आए कवियों को सम्मानित किया। इसके अलावा जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ठ अतिथि व विशेष अतिथि व क्लब के अध्यक्ष ने दीप प्रज्जलित कर किया।

कार्यक्रम में सबसे पहले युवा कवियों को मौका दिया गया। जिसमें युवा कवि जयंत ने ईश्वर वहीं है जहां नारी है। रविता चैहान ने तेरी यादो की मारी हूं। और तेरी इश्क में महकती हूं। हिमानी सिंह राणा ने नजर अपनी झुका कर ना चल प्रस्तुत की। रेणु गोस्वामी ने सज रही फिर से धरा नव नवेली की तरह यह बसंत का उल्लास पेश की। पंथक कवि गुरमीत कौर ने एक दिन चांद को पकड़ पेश की। दिलीप वशिष्ठ ने तेरी यादो की गिल्ली उछाली है मैने तु पकड़ ले तो मै आउट हो जाउं। खिड़कीयों से बात करता हूं मै, दरवाजे तक ना मै आया ना वह आई। शबनम शर्मा गांव मुझे पहचानता नहीं।

अनंत आलोक ने सूरज ले जाओ मुझे गगन के पार। प्रियवंदा ने पहाड़ काटकर बन रही सड़को पर अपनी कविता पढ़ी। उन्होंने कहा कि धीरे धीरे दरकने लग रहे है पहाड़ यहा, हो रही है साजिश पहाड़ को मैदान बनाने की। एनआर गोपाल ने मां को याद करते हुए अपनी रचना पढ़ी। उन्होंने बहुत याद आता है मां, बच्चो को सामान जुटाना। वरिष्ठ कवि चिरानंद ने दावन दल मानव मूल्यों पर घात लगाएगा। श्री कांत अकेला ने शाहीन बाग पर कविता पढ़ी। उन्होंने कश्मीरी पंडितो पर कविता पढ़ी। कितना लहू पियेगा यह खंजर से पुछिए। मंदिर में जो रखा उव पत्थर से पुछिए। किसका लहू लगा है खंजर से पुछिए। जो चमन का पहरेदार वही इस माटी का हकदार।

शिवा धरावेश ने धन धन हुई गुरू तेरी नगरी मे के अलावा हवाएं गांव की मेरे यह चंदन की महक लगती है। डां जयंचद शर्मा ने पिता के झोले में देवता के चावल। आशा शैली ने भी अपनी रचनाएं पढ़ी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केएस गतवाल ने जो वक्त से आगे निकल गया। और वसंत पर अपनी कविता पढ़ी। इस बीच दून प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्यामलाल पुंडीर ने पाक के नापाक मंसूबो पर अपनी रचना पेश की। उन्होंने तुम लगाते रहो भाई भाई का नारा हम उठाएंगेे मंडल से बेटियां यह मकसद है हमारा। तुम करते रहो अखंड अखंड भारत हम खंड खंड करने का मकसद है हमारा पेश की।

इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों को सम्मानित किया गया खबरों वाला के संपादक जसवीर सिंह हंस इस मौके पर खास तौर पर आमंत्रित किए गए थे जिन्होंने सम्मानित करने के लिए दून प्रेस क्लब का धन्यवाद किया

इस कवि सम्मेलन का संचालन जीवन जोशी ने किया। इस अवसर पर दून प्रेस क्लब ने कवियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर नगर परिषद के पूर्व चेयरमेन संजय सिंघल, शिवाजी स्पोटर्स क्लब ने अध्यक्ष मधुकर डोगरी, भावना चानना, धनवीर कपूर, हरविंद्र कौर के अलावा क्लब के पदाधिकारी वरिष्ठ पत्रकार अरविंद गोयल, कुलदीप गतवाल, दिनेश पुंडीर,अनुराग गुप्ता, नरेंद्र सैनी, प्रखर गुप्ता, राजेश कुमार, सुंदर सिंह, ,गुरविंद्र आदि उपस्थित थे।

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