हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला की ग्राम पंचायत माजरा में बाता नदी के किनारे कई टन माल में लगायी गयी आग।लगभग 2 दिन से बड़ी नामी कंपनी सिप्ला आदि की दवाइयां व केमिकल में 2 दिन से बड़ी मात्रा में जला कर प्रदुषण फैलाया जा रहा।आसपास के लोगो ने पूछने पर बताया कि लगभग 2 दिन पहले से ये सामान बड़ी मात्रा में जलाया गया।इसमे आसपास की कई कम्पनियो का भी माल है।इस माल में जलने पर बड़ी बदबू पूरे क्षेत्र में फैली हुई है।
वैसे तो पूरा हिमाचल प्रदेश ही कर्फ्यू व धारा 144 की जद में है पर थाना माजरा से आधा किलोमीटर की दूरी पर ही यह इतनी बड़ी मात्रा में जो माल जलाया गया यह भी संदेह के घेरे में है।ऐसा क्या हो गया की कर्फ्यू लगे होने के बाद भी ऐसा कार्य किया गया ।कही यह दवाईयां नकली या नशे की या चोरी की तो नही थी।ऐसी कई बातें इस मामले से उठ रही है।ऐसा क्या हो गया कि 1 किलोमीटर से दिखने वाली आग के खिलाफ किसी ने कोई करवाई ना कि।अब ये देखना है कि प्रदूषण विभाग और प्रशासन इसकी ईमानदारी से छानबीन कर इस से संबंधित व्यक्तियों या कंपनी पर कार्यवाही करते है या नही क्यूंकि कर्फ्यू में ऐसा कार्य करने पर भी कार्यवाही बनती है और प्रदूषण फैलाने पर भी।












