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जिला प्रशासन सिरमौर द्वारा 20 अप्रैल को जारी किए गये आदेशो मे आशिंक संशोधन

जिला प्रशासन सिरमौर द्वारा 20 अप्रैल 2020 को जारी किए गये आदेशों मे आंश्ंिाक सशोधन तथा जन कार्यो के मानक संचालन प्रकियाओ  में कुछ शर्तो को जोडा गया है जिसका अनुपालन सम्बंधित विभागो व प्राधिकारियो द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा।

जारी आदेशो के अनुसार दवाईयो की  दुकानो के साथ -साथ चश्मे की दुकाने भी सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक प्रतिदिन खुली रहेगी। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग के 100 कार्यो को जिला के पांच खण्डो नाहन,राजगढ,पांवटा साहिब, सगडाहं और शिलाई  में शुरू किया जायेगा । 20 अप्रैल 2020 को जारी किए गये आदेशों के अनुसार आटो,ट्रक और टेªक्टर की मुरम्मत की दुकाने खोलने की अनुमति दी गई थी जिसमें अब सशोधन उपरान्त केवल ट्रक और टेªक्टरो के मुरम्मत की दुकानो को ही सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक प्रतिदिन खोलने की अनुमति रहेगी। इसके अतिरिक्त कृषि उपकरणो,इसके  स्पेयर पार्ट और मुरम्मत की दुकाने भी कर्फ्यू में दी गई ढील के दौरान खुली रहेगी।  इसके अतिरिक्त उच्चमार्गो पर स्थित ट्रक मुरम्मत की दुकाने व ढाब्बे भी प्रतिदिन खुले रहेगे लेकिन दुकान मालिको को शारिरीक दुरी का विशेष ध्यान रखना होगा। नाहन-सराहंा-कुमारहट्टी मार्ग के अलग-अलग हिस्सों के नवीनीकरण,मुरम्मत व सिमेंट कंकरीट पेवर ब्लॅाक का कार्य भी किया जायेगा । केन्द्र सरकार व राज्य सरकार तथा उनसे सम्बधिंत स्वायत निकाय के कार्यालय खुले रहेगे लेकिन सम्बधिंत विभाग के अधिकारियों को लॉकडाउन के दिशा निर्देशो का पालन सुनिश्चित करना होगा।

जनकार्य शुरू करने के लिए मानक संचालन प्रकियाओ  के मुताबिक अगर कोई ऐजेन्सी जन कार्य शुरू करना चाहती है तो वह कार्य विवरण, कार्य स्थल,ठेकेदार का नाम और नम्बर, कामगारो के नाम व उस कार्य के प्रस्तावित अनुपालन अधिकारी की सूचना प्रसाशन को देनी होगी । इसके अतिरिक्त एजेन्सी को  यह भी सुनिश्चित करना होगा कि श्रमिक स्थानीय हो या  पिछले 30 दिनों से उस जगह पर ही रह रहे हो तथा उनमें सक्रमण के कोई लक्षण न हो और न ही वह किसी दुसरे राज्य व जिला के हॉट-स्पाट घोषित किए गये क्षेत्र से आये व्यक्ति के सम्पंर्क में आये हो ।

एजेन्सी को लिखित में देना होगा कि काम में लगे श्रामिको को मास्क और अन्य जरूरी सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध करवाये जायेगे तथा कोविड-19 से बचाव के लिए सभी सुरक्षा मानको का पालन किया जायेगा। नये श्रमिक को लगाने की सुचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा प्रसाशन को दी जयेगी जोकि आवश्यकता अनुसार उसकी मेडीकल जॉच करवा सकता है। ऐसी सूचना न देने की स्थिति में काम को तुरन्त बन्द करने और श्रमिक को क्वारन्टाईन करने  के आदेश दिए जा सकते है। यह नामीत निगरानी अधिकारी की जिम्मेवारी होगी कि वह बिना किसी विलम्ब के ऐसी जानकारी अपने कार्यालय के उच्च अधिकारी के माध्यम से प्रशासन को देना सुनिश्चित करे।

इसके बाबजूद भी श्रमिको के स्वास्थ्य जॉच की व्यवस्था हर दस दिन में कार्य स्थल पर या उनके रहने के स्थान पर की जाये।  अगर किसी श्रमिक में बिमार होने के लक्ष्ण नजर आते है तो यह कार्यकारी एजेन्सी की जिम्मेदारी होगी कि वह निगरानी अधिकारी व ठेकेदार के माध्यम से स्वास्थ्य प्राधिकारियों को सूचना दे ताकि स्वास्थ्य जॉच और सहायता मुहैया करवाई जा सके ।    मनरेगा कार्याे में इन सभी बातो की अनुपालना की जानकारी खण्ड विकास अधिकारी या नगर परिषद को देनी होगी  तथा सम्बंधित पंचायत या वार्ड सदस्यो द्वारा इसकी अनुपालना सुनिश्चित कि जायेगी।

 

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