Khabron wala
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में एक करोड़ रुपये लाईसर्जिक एसिड डाइथाइलमाइड (एलएसडी) नशे के साथ पुलिस ने युवक और युवती को गिरफ्तार किया था. अब इस मामले में सीआईडी की स्पेशल टास्क फोर्स के चार पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है. बताया जा रहा है कि अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.
दरअसल, ये चारों पुलिस जवान सीआईडी के अधीन तैनात थे और नशा तस्करी रोकने के लिए बनी स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) में शामिल हैं. इन चारों पुलिस जवानों की भूमिका अब संदेह के घेरे में है. सस्पेंड किए गए पुलिस वालों में दो हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, समीर कुमार और एचएचसी नितेश कुमार और कांस्टेबल अशोक कुमार शामिल हैं.
फिलहाल, यह पता नहीं चल पाया है कि इस मामले में चारों पुलिस वालों की क्या भूमिका है. शिमला पुलिस और सीआईडी अपने-अपने स्तर पर गहन जांच कर रही हैं. जांच में पता चला है कि ड्रग्स के साथ पकड़े गए आरोपियों को कुल्लू में खेप सप्लाई करनी थी. क्योंकि, इसका इस्तेमाल रैव पार्टीज में होता है. समाचार पत्र अमर उजाला की खबर के अनुसार,निलंबित चारों एसटीएफ कर्मी भी उस समय कुल्लू में तैनात थे और ऐसे में इन पर शक गहरा गया है. कुल्लू से तस्करी के आरोपी शिमला पहुंचे और बीसीएस में एक कमरे में रुके थे.
गौरतलब है कि 11 मार्च को शिमला पुलिस की स्पेशल टीम ने संदीप शर्मा और प्रिया शर्मा को गिरफ्तार किया. इन दोनों तस्करों के पास 11.570 ग्राम एलएसडी (562 स्ट्रीप्स) बरामद की गई. शिमला पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद हरियाणा के गुरुग्राम से केरल के के कालीकट के रहने वाले नविएल हैरिसन को भी गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि गोवा, राजस्थान और दिल्ली से होते हुए हिमाचल में एनलएसडी की तस्करी की जाती है. कुल्लू के कसोल में रैव पार्टीज होती है और माना जा रहा है कि यहीं पर सप्लाई होनी थी. पुलिस तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है.









