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राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में अक्सर कड़क अनुशासन की खबरें आती हैं, लेकिन मंडी डीसी कार्यालय से शनिवार को एक ऐसी खबर आई जिसने मानवीय संवेदनाओं की नई परिभाषा लिख दी। सुंदरनगर की रहने वाली एक बुजुर्ग मां, रुकमणी, अपने दिवंगत बेटे के दोस्त राधेश्याम के साथ डीसी मंडी अपूर्व देवगन से मिलने पहुंचीं। अवसर था डीसी साहब का जन्मदिन (20 मार्च)।
आपदा का दर्द और बेटे की झलक
बता दें कि बीते साल हिमाचल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के दौरान रुकमणी ने अपने जवान बेटे राहुल को खो दिया था। राधे श्याम ने बताया कि रूकमणी को डीसी अपूर्व देवगन की कार्यशैली और उनकी छवि में अपने बेटे राहुल की झलक मिलती है। जैसे ही रुकमणी डीसी के केबिन में दाखिल हुईं, अपने सामने खड़े अधिकारी को देख उनकी आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली।
एक मां का आलिंगन और अधिकारी का सम्मान
रुकमणी ने बिना किसी संकोच के डीसी अपूर्व देवगन को एक मां की तरह कसकर गले लगा लिया। इस भावुक पल में डीसी अपूर्व देवगन ने भी किसी ‘बड़े अफसर’ की तरह व्यवहार करने के बजाय एक ‘बेटे’ का फर्ज निभाया और मां रुकमणी को अपनी बांहों में थाम लिया। रुकमणी को इस मिलन से वही सुकून मिला जैसे उनका गुजरा हुआ बेटा लौट आया हो।
मिलन की तस्वीरें वायरल
इस मुलाकात के दौरान डीसी अपूर्व देवगन काफी विनम्र नजर आए। उन्होंने रुकमणी को ढांढस बंधाते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने आपदा के समय हर संभव कोशिश की थी कि सभी लापता लोगों को सुरक्षित तलाश लिया जाए। रुकमणी के साथ आए राधेश्याम ने बताया कि डीसी की सरल छवि के कारण ही आज एक दुखी मां खुद को उनके पास आने से नहीं रोक सकी। वहीं, सोशल मीडिया पर इस मिलन की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिन्हें देखकर लोग कह रहे हैं कि जब शासन में संवेदनशीलता हो, तो वह जनता का अटूट विश्वास और प्रेम जीत लेता है।








