हिमाचल प्रदेश में शिमला में एक करोड़ की ड्रग्स केस में सीआईडी एसटीएफ कुल्लू के चार पुलिस जवानोंको नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है.डीजीपी अशोक तिवारी ने यह आदेश जारी किए हैं. दो आरोपियों से यह ड्रग्स मिली थी, जिसमें इन जवानों की भी भूमिका सामने आई थी
हिमाचल प्रदेश पुलिस के चार जवानों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. ये चारों एक करोड़ रुपये की ड्रग्स से जुड़े मामले में शामिल थे और इन्हें 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. अब डीजीपी अशोक तिवारी ने सभी को नौकरी से निकाल दिया है.
जानकारी के अनुसार, चारों आरोपी सीआईडी की एसटीएफ कुल्लू में तैनात थे. आरोपियों को पहचान हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, हेड कांस्टेबल समीर कुमार, एचएचसी नितेश कुमार तथा कांस्टेबल अशोक कुमार के रूप में हुई है.
दरअसल, थाना न्यू शिमला में एक एफआईआर दर्ज हुई थी. 10 मार्च को पुलिस ने सिरमौर की युवती प्रिया और पंजाब के युवक संदीप दो आरोपियों को गिरफ्तार था और उनके कब्जे से 562 एलएसडी स्ट्रिप (लगभग 11.57 ग्राम) बरामद की थीं. जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि यह मामला एक बड़े संगठित अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसकी सप्लाई चेन केरल से हिमाचल प्रदेश तक फैली हुई थी.जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग तथा वित्तीय लेनदेन के विश्लेषण सहित तकनीकी साक्ष्यों की ओर से इन तथ्यों की पुष्टि हुई है.जांच के दौरान आरोपी पुलिस कर्मियों की संलिप्तता सामने आई और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया.
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस, मादक पदार्थों और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है, जो विभाग के भीतर भी समान रूप से लागू है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी पुलिस कर्मी समाज और युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है.
पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन शुरू किया. प्रवक्ता ने बताया कि इससे पहले पूर्व भी 17 पुलिस कर्मियों को नशा संबंधित मामलों में बर्खास्त किया जा चुका है और अब तक यह आंकड़ा 21 हो गया है. प्रवक्ता ने बताया कि लोग हिमाचल प्रदेश पुलिस को नशे से संबंधित किसी भी तरह की सूचना को तुरंत 112 अथवा नजदीकी पुलिस थाना में साझा करें. सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी.











