पांवटा साहिब में एक पत्रकार का अपहरण कर उसे बंधक बनाया गया था, इसका कारण था किरणेश जंग द्वारा क्रेशर की आड़ में यमुना में हो रहा अवैध खनन पर समाचार प्रकाशित करना, अब इस पूरे मामले में माननीय हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद पुलिस ने सख्ती बरतते हुए अपहरण में शामिल पिकअप को बरामद कर लिया था । यह पिकअप पूर्व विधायक किरनेश जंग के क्रेशर पर खड़ी थी तथा वहीं पर डीजल ढ़ोने के काम आती थी
पूर्व विधायक किरनेश जंग के गुंडो जसवंत सिंह ठक्कर पुत्र जगदीश चन्द निवासी भूपर ,सोनू पुत्र शोभा राम निवासी भूपुर,अंकुश , नीरज , मोनु पुत्र शोभा राम निवासी भूपुर ओर सहिल निवासी भूपुर प्रदीप चौहान ओर क्रेशर पर मुंशी का काम करने वाले चम्बा निवासी योगराज से पुलिस ने पूछताछ की थी और उनको जमानत दी गई थी जबकी कुछ अन्य आरोपी अपना नाम कैसे निकलवाने के लिए जोर लगा रहे थे परंतु हाईकोर्ट में अवमानना का केस दायर होने के बाद अधिकारी कड़ी कार्रवाई में जुट गए और किरनेश जंग के गुंडो पर लिया एक्शन ओर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया
बेचारा कहकर गलती से जीते पूर्व विधायक किरनेश जंग तथा लोगों के फोन ना उठाने पर करारी हार का सामना करने वाले इस नेता तथा उसके गुर्गो पर माननीय हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद कानूनी कार्रवाई हो रही है
पांवटा साहिब में 24 फरवरी 2024 को एक पत्रकार का अपहरण किया गया उसे क्रेशर पर ले जाकर मारपीट की गई और बंधक बनाकर उसका एक वीडियो भी वायरल किया गया इस पूरे मामले में माननीय हाईकोर्ट द्वारा एसपी सिरमौर को निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए थे ।इस मामले में पुलिस ने उस पिकअप को बरामद कर लिया है जिसमें पत्रकार को अगवा किया गया था वही इस पूरे मामले में कई ठोस सबूत सामने आए हैं । पुलिस के हाथ कई सीसीटीवी फुटेज भी आए हैं वहीं पुलिस द्वारा अरिकेश जंग क्रेशर से पत्रकार को बचाकर लाया गया यह भी अपने आप में एक बड़ा सबूत माना जा रहा है।
यह पूरा मामला यमुना में अवैध खनन से जुड़ा है यमुना में पाइप डालकर अवैध खनन कर एक क्रेशर पर खनन सामग्री डाली जा रही थी इस खबर के बाद खनन माफिया बुरी तरह से खफा हो गए और उन्होंने इस पत्रकार को उसके घर के पास से ही जबरन एक पिकअप में अगवा किया और क्रेशर पर ले गए जहां पर उसके साथ मारपीट की गई जान से मारने की धमकी दी गई और बंधक बनाकर उसका एक वीडियो भी वायरल किया गया। इतना ही नहीं क्रेशर के नजदीक से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने यह सब कुछ होते हुए देखा और पांवटा पुलिस को फोन कर सूचना दी गई, इसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बंधक पत्रकार को क्रेशर से छुड़ा कर लाई।
इस मामले में पुलिस ने बेहद अधिक राजनीतिक दबाव होते हुए भी अपहरण जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ज्यादा कुछ नहीं कर पा रही थी और अब माननीय हाई कोर्ट की निगाह भी इस पूरे मामले पर है और हाईकोर्ट ने एसपी सिरमौर को निष्पक्ष जांच के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद पुलिस ने अपहरण में शामिल पिकअप को जप्त कर लिया था और आधा दर्जन से अधिक अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था ।











