Paonta Sahib: नगर परिषद के चुनाव को 2 महीनों से ज्यादा बीत गया समय, नहीं हो पाए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की शपथ…
पांवटा साहिब नगर परिषद के चुनाव हुए 2महीने से ज्यादा* का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की शपथ नहीं हो पाई है। शपथ समारोह लटकने के कारण नगर परिषद का पूरा कामकाज ठप पड़ा है। शहर के विकास कार्य रुके हैं, बजट अटका है और आम जनता की शिकायतों का निपटारा नहीं हो पा रहा है। पांवटा साहिब नगर परिषद के चुनाव तीन महीने पहले हुए थे। चुनाव परिणाम आने के बाद सभी 13 पार्षदों ने शपथ लेकर कार्यभार संभाल लिया था लेकिन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए शपथ का कार्यक्रम अभी तक तय नहीं हो पाया है। नगर परिषद अधिनियम के अनुसार अध्यक्ष की शपथ के बाद ही परिषद की पहली आम बैठक हो सकती है। बिना बैठक के कोई भी प्रस्ताव पास नहीं हो सकता, न ही कोई वित्तीय निर्णय लिया जा सकता है। इसी वजह से पिछले 3 महीने से परिषद की फाइलें सिर्फ इधर-उधर घूम रही हैं। शपथ न होने का सबसे ज्यादा असर शहर के विकास पर पड़ा है। नए वित्तीय वर्ष का बजट अभी तक पास नहीं हो पाया। बिना बजट के कोई नया काम शुरू नहीं हो सकता।सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पार्किंग के टेंडर लटक गए हैं। कचरा उठाने, सफाई, पानी की लीकेज और अतिक्रमण जैसी रोजमर्रा की शिकायतें भी लंबित हैं टैक्स से जुड़े छूट और नए निर्धारण के मामले भी रुके हुए हैं। नगर परिषद के एक वरिष्ठ पार्षद ने कहा, `हम रोजाना जनता की समस्याएं लेकर ऑफिस आते हैं। प्रस्ताव भी बना लेते हैं, लेकिन उस पर हस्ताक्षर करने वाला कोई नहीं है। बिना अध्यक्ष के हम कुछ नहीं कर सकते। जनता हमें ही कोस रही है।`स्थानीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने भी नाराजगी जताते हुए कहा, `चुनाव के बाद लोगों को उम्मीद थी कि शहर में तेजी से काम होंगे। लेकिन 3 महीने में एक भी ईंट नहीं लगी।`नगर परिषद के *कार्यकारी अधिकारी* ने बताया, `शपथ समारोह के लिए हमने प्रदेश सरकार और उपायुक्त सिरमौर के कार्यालय को पत्र लिखे हैं। शपथ के लिए मंत्री या जिला स्तर के अधिकारी का समय चाहिए। जैसे ही तारीख मिलती है, तुरंत कार्यक्रम करवा दिया जाएगा।`शपथ में देरी को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि `सरकार जानबूझकर शपथ लटका रही है ताकि विकास कार्य न हो सकें।` वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि `प्रोटोकॉल और समय की वजह से देरी हो रही है। शपथ होते ही सभी रुके काम 15 दिन में शुरू कर दिए जाएंगे।` शहर के सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडल और आम जनता ने एक सुर में मांग की है कि सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की शपथ करवाए। 2महीने तक निर्वाचित परिषद का काम बंद रहना लोकतंत्र का मजाक है।

