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हिमाचल में मानसून सीजन में बारिश कहर बनकर बरस रही है. प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. पिछले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश दर्ज की गई है. भारी बारिश के चलते प्रदेश के नदी-नाले उफान पर हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए भी परेशानी पेश आ रही है.
भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, आज (बुधवार, 22 जुलाई को) हिमाचल प्रदेश के ऊना, चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर और सिरमौर जिले में ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने के आसार हैं. मौसम विभाग ने कांगड़ा और मंडी जिले में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेज अलर्ट जारी किया है. वहीं, चंबा, कुल्लू शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में एक-दो जगहों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. 27 जुलाई तक किन्नौर और लाहौल स्पीति जिले में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इस दौरान कम ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में कुछ स्थानों परआंधी-तूफान/बिजली कड़कने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
हिमाचल प्रदेश में मानसून अपने सबसे आक्रामक दौर में है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे तक प्रदेश के 6 जिलों में भारी बारिश होने के आसार हैं. वहीं, 23 से 27 जुलाई तक प्रदेश में विभिन्न जिलों में एक-दो जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है.
हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि, “हिमाचल प्रदेश में मानसून में बारिश का दौर जारी है. जगह-जगह लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड की घंटनाएं सामने आ रही हैं. किन्नौर में भी फ्लैश फ्लड से भारी नुकसान हुआ है और अन्य जिलों में भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं. भारी बारिश से कई ब्रिज को भी नुकसान हुआ है. बारिश से 145 सड़कें बंद हैं और 508 ट्रांफार्मर भी ठप हैं. प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 43 पेयजल परियोजनाएं बंद पड़ी हैं. जहां सड़कें बंद हैं, उन्हें बहाल करने का कार्य जोरों पर चल रहा है. मानसून सीजन में अलग-अलग दुर्घटनाओं में जुलाई महीने में 66 लोगों की जान गई है.”
कहां कितनी बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, कांगड़ा जिले के पालमपुर में 14 मिलीमीटर, सिरमौर जिले के श्री रेणुका जी में 11 मिमी, सिरमौर जिले के जट्टों बैराज में 11 मिमी, राजगढ़ में 8 मिमी, पांवटा साहिब में 8 मिमी, नाहन में 8 मिमी, धर्मशाला में 7 मिमी, चंबा जिले के चुआरी में 7 मिमी, कांगड़ा एयरो में 7 मिमी, पच्छाद में 7 मिमी, संगड़ाह में 6 मिमी, धौलाकुंआ आवास में 6 मिमी, धर्मशाला आवास में 5 मिमी, बिलासपुर के ओलिंडा में 5 मिमी, मंडी जिले के सुंदरनगर में 3 मिमी, पंडौह और मंडी में भी 3 मिमी, बिलासपुर के आरएल बीबीएम में 3 मिमी, शिमला जिले के कुफरी और कुफरी एडडब्ल्यूएस में 3 मिमी, मंडी आवास में 3 मिमी, ऊना के रायपुर मैदान में 3 मिमी, सोलन जिले के धरमपुर में 3 मिमी, मंडी जिले के मुरारी देवी और झुंगी में 3 मिमी, मंडी जिले में बलद्वाडा 2 मिमी, चंबा जिले के जोत में 2 मिमी, लाहौल स्पीति जिले के केलांग में 2 मिमी, शिमला जिले के सराहन में 2, सोलन जिले के कसौली में 2 मिमी, शिमला जिले के कोटखाई, मशोबरा और रोहड़ू में 1 मिमी और बिलासपुर जिले के श्रीनैनादेवी जी में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई है.
भारी बारिश से बढ़ सकती है परेशानी
मौसम विभाग ने इन जिलों में भारी बारिश के बाद भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण लोगों से बेहद सावधानी बरतने की अपील की है.
भारी बारिश के चलते प्रदेश के निचले क्षेत्रों में पानी भर सकता है.
फिसलन भरी सड़कों और कम विजिबिलिटी की वजह से गाड़ियां फिसल सकती हैं.
भारी से अति भारी बारिश के चलते सड़क मार्ग बाधित होने के चलते ट्रैफिक जाम होने की संभावना.
भारी बारिश की वजह से जरूरी सेवाएं और रोजाना के बाहरी काम कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकते हैं.
जनता से प्रशासन की अपील
भारी बारिश के दौरान वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का विशेष रूप से पालन करें.
बरसात के मौसम में संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचें.
नदी-नाले उफान पर होने के कारण पानी वाली जगहों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें.
प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन जरूर करें.


