केंद्र से मिलने वाली टाइड मनी का 50 प्रतिशत हिस्सा पानी और स्वच्छता संबंधी कार्यों पर खर्च करना होगा अनिवार्य
प्रदेश में पंचायतों को अब गांवों में स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी। राज्य सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की गाइडलाइन जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि केंद्र से मिलने वाली टाइड मनी का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा पानी और स्वच्छता संबंधी कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य होगा। प्रदेश की 3,758 पंचायतों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य गांवों को साफ सुथरा रखने के साथ-साथ लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और ठोस एवं तरल कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करना है। टाइड मनी वह अनुदान है जो 16वें वित्त आयोग के तहत केंद्र सरकार ग्राम पंचायतों को विशिष्ट कायों के लिए देती है। इस राशि का उपयोग पंचायत अपनी इच्छा से किसी भी काम पर नहीं कर सकती, बल्कि केवल तय किए गए कार्यों पर ही खर्च कर सकती है।








