Khabron wala
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में भारी बारिश के बीच एक खदान में भारी भूस्खलन हुआ है। इस हादसे में तीन लोगों के मलबे में दबने की आशंका है। शिलाई विधानसभा क्षेत्र में कफोटा के समीप तिलोरधार में यह खदान चल रही थी। प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है मलबे के नीचे दबने वालों में एक गाड़ी का चालक और दो नेपाल निवासी हैं।
एसडीएम शिलाई जसपाल ने बताया कि प्रशासन की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच चुकी है। तेज बारिश के कारण कुछ समय के लिए रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया है।
माइनिंग के दौरान हुआ हादसा
शिलाई में कफोटा के समीप तिलोरधार (बांगनधार) में मंगलवार दोपहर बाद भारी बारिश के बीच माइनिंग कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जहां अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरक गया। इस भारी भूस्खलन की चपेट में आने से 3 लोग दब गए। हादसे में 2 गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
बताया जा रहा है कि तिलोरधार में माइनिंग कार्य चल रहा था। इसी दौरान पत्थरों से भरी एक गाड़ी माइनिंग स्थल से बाहर निकल रही थी। तभी अचानक ऊपर से भारी मलबा और विशालकाय चट्टानें खिसककर नीचे आ गिरीं। देखते ही देखते पूरा हिस्सा मलबे की चपेट में आ गया। आशंका है कि गाड़ी के चालक समेत 3 लोग इसी मलबे के नीचे दब गए हैं।
हादसे के बाद मौके पर बड़े-बड़े पत्थर और भारी मलबा जमा हो गया है। रेस्क्यू टीमों को चट्टानों और मलबे को हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। घटनास्थल पर स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी से दोबारा मलबा गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
हादसे के बाद एक बड़ा सवाल माइनिंग कार्य को लेकर भी उठ रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिस स्थान पर माइनिंग की जा रही थी, वहां खनन कार्य वैध अनुमति के तहत चल रहा था या अवैध रूप से। प्रशासन की जांच के बाद ही इसकी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। खदान में भूस्खलन के बाद तीन लोग मलबे में दबे रोक बावजूद भ्रष्ट माइनिंग अधिकारी सरित चंद्र की मिलीभगत से सिरमौर में हो रहा अवैध खनन
निकाला जा रहा था चूना पत्थर
बताया जा रहा है एक ऊंची पहुंच वाले नेता की ओर से चूना पत्थर निकालने के लिए यह खदान चलाई जा रही थी। मंगलवार दोपहर बाद भारी बारिश के बीच यहां जोरदार धमाके के साथ भारी भूस्खलन हो गया। मौके पर काम कर रहे तीन मलबे में दब गए। जिन्हें रेस्क्यू करने के लिए रेस्कयू अभियान चलाया हुआ है।







