हिमाचल के पांवटा साहिब में हरियाणा उत्तर प्रदेश की जीपीए करने का मामला इस समय सुर्खियों में है रोजाना करोड़ों रुपए का लेनदेन हो रहा है स्थानीय लोगों को रजिस्ट्री करने में दिक्कत आ रही है क्योंकि स्लॉट एडवांस बुक है और बाहरी राज्यों की जीपीए के लिए तहसीलों के बाहर हरियाणा दिल्ली और उत्तर प्रदेश की गाड़ियों की लाइन लगी रहती हैं पांवटा साहिब तहसील के अधिकारी ने करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित कर ली है
वही बताया जा रहा है कि हरियाणा की गलत जीपीए करने के मामले में हरियाणा में दर्जनों मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और अधिकारी हरियाणा पुलिस की रडार पर है बताया जा रहा है कहीं पर मरे हुए व्यक्ति की भी जीपीए कर दी गई कई मामलों में तो गलत कागजों के साथ जीपीए कर दी गई एक मामले में 300 की जगह 500 फुट की जीपीए कर दी गई परंतु अभी तक हिमाचल प्रदेश की विजिलेंस ने इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की है जबकि मुख्यमंत्री मुख्य सचिव राजस्व और डीसी सिरमौर को इस सारे खेल के बारे में पता है
ऐसा ही हो रहा है हरियाणा हिमाचल से गाजियाबाद से वकील फर्जी तरीके से जीपीए करवाने में लगे हैं इस विषय में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच करवा कर मामला दर्ज करने की बात कही जा रही है ऐसे में देखना यह है की जांच के बाद यह खुलासा होगा की कानूनी रूप से सही ठहराही जा रही जीपीए की एवरेज में कितना फर्जी काम हुआ है बताया जा रहा है कि हजारों की तादात में जीपीए करवाई जा रही है इसमें कुछ चिंदी चोर वकील भी शामिल हैं जो गलत तरीके से जी पी ए करवा रहे हैं यह वकील भी पुलिस की रडार पर है
बताया जा रहा है कि अधिकारियों और कर्मचारियों को एक जीपीए के लगभग ₹20000 रिश्वत के रूप में दिए जा रहे हैं वह वकील भी मोटी फीस ले रहे हैं बाहरी राज्यों से आकर वकील लगातार महंगे होटलों में ठहरे हुए हैं और रोजाना के लाखों रुपए कमा रहे हैं रोजाना तहसील में करीब 50 जीपीए हो रही है बताया जा रहा है कि 2 महीने तक के स्लॉट एडवांस बुक हो गए हैं और स्थानीय लोग दर दर की ठोकरे खा रहे हैं स्थानीय लोगों ने बाहरी जीपीए बंद कर स्थानीय लोगों की रजिस्ट्री को प्राथमिकता देने की मांग की है











