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एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है। शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम ने खिताबी मुकाबले में ईरान को हराकर लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ ही टीम ने देश का गौरव बढ़ाया है।
हिमाचल प्रदेश की बेटी पुष्पा राणा के नेतृत्व में भारतीय टीम स्वर्ण पदक जीतने के दृढ़ संकल्प के साथ मैदान में उतरी थी। फाइनल मुकाबले में भारत का सामना मजबूत मानी जाने वाली ईरान की टीम से हुआ। दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंततः भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन रणनीति और खेल का प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 के करीबी अंतर से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।
हमारा लक्ष्य सिर्फ सोना था : पुष्पा राणा
लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के बाद टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछली बार भी भारतीय टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था, इसलिए इस बार भी पूरी टीम का एकमात्र लक्ष्य सोना (स्वर्ण पदक) ही था। हम इसी संकल्प के साथ मैदान पर उतरे थे।
हिमाचल प्रदेश का दिखा दबदबा
भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस ऐतिहासिक सफलता में हिमाचल प्रदेश का विशेष योगदान रहा। स्वर्ण पदक जीतने वाली इस टीम की कमान जहां हिमाचल की बेटी पुष्पा राणा के हाथों में थी, वहीं इस बार एशियाई खेलों के लिए चुनी गई भारतीय स्क्वॉड में हिमाचल प्रदेश की कुल चार खिलाड़ी शामिल थीं। पुष्पा राणा (सिरमौर) सहित रितु नेगी (सिरमौर), भावना देवी ठाकुर (मंडी) और ज्योति ठाकुर (सोलन) ने देश के साथ-साथ अपने राज्य का भी नाम रोशन किया है।









