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पांवटा साहिब : विडियो बना नाबालिक लड़की ने की आत्महत्या, महिला थाना अध्यक्ष अच्छर सिंह पर बच्ची को टॉर्चर करने के गंभीर आरोप , आत्महत्या के लिए उकसाने पर मामला दर्ज

 

पांवटा साहिब में दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है। प्रेम प्रसंग के चलते 16 वर्षीय बच्ची ने पंखे पर झूल कर सुसाइड कर लिया। बच्ची ने सुसाइड से पहले एक वीडियो भी बनाई है, जिसमें अपनी मौत का जिम्मेदार लड़के और उसके परिवार को ठहराया है। वही नाबालिग लड़की के पुराने वीडियो भी सामने आए हैं। जिसमें इस लड़की को एक राकेश (काल्पनिक नाम) निवासी पट्टी नथ्थासिंह लड़के से प्यार हो जाता है। लड़की वीडियो में बताती है कि कैसे दलित जाती होने के कारण लड़के के परिवार द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। प्रेम प्रसंग शुरू करने से पहले लड़के ने उसकी जाति नहीं देखी लेकिन उसके साथ गलत काम करने के बाद वह उसकी जाति के कारण विवाह नहीं करने की बात कहने लगा। इसके बाद नाहन महिला थाने में युवक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ था परंतु नाबालिक होने के कारण गिरफ्तार नहीं किया गया अब युवक युवती पर कैस वापस लेने का दबाव बना रहा था

नाबालिक बच्ची ने एक वीडियो में खुलासा करते हुए बताया था कि उस लड़के के पास उसकी कई वीडियो और फोटो है। जिसकी धमकी देकर वह उससे गलत काम करवाता है। लड़के ने धमकी देकर लड़की के पिता के खिलाफ एक कंप्लेंट थाने में दिलवाई थी जिसे वह गलत बताती है।

नाबालिक बच्चों की मां ने उसकी बेटी की मौत का जिम्मेदार नाहन महिला थाना इंचार्ज अच्छर सिंह को बताया है । उनका मानना है की शिकायत के बावजूद कई महिनों से लड़की को ही बार-बार धमकाया जा रहा था कि वह झूठ बोल रही है। चार दिन पहले भी लड़की को महिला पुलिस थाना नाहन से आए जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर अच्छर सिंह ने नाबालिग बच्ची और परिवार के साथ गाली गलोच की थी । जबकि लड़की बार-बार कहती रही कि उसके साथ गलत काम हुआ है और लड़के और उसके परिवार पर मामला दर्ज किया जाए। पुलिस लड़की को मानसिक रूप से परेशान कर रही थी नाबालिक लड़की के मां-बाप ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब उनकी बच्ची के साथ गलत काम हुआ तो लड़के और उसके परिवार की शिकायत पुरूवाला थाने में की गई थी लेकिन उनकी बेटी और उनको ही थाने में एएसआई पवन ने कईं घंटे रात को बिठा कर रखा गया। और लड़की को ही दोषी ठहराते रहे जबकि लड़के और उसके परिवार पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

वही आपको बता दें कि अगर महिला थाना पुलिस बच्ची की काउंसलिंग करवाती और उस पर जबरदस्ती दबाव बनाकर प्रताड़ित न करती तो बच्ची की जिंदगी को बचाया जा सकता था। समय रहते अगर बच्ची की काउंसलिंग और मेंटल हेल्थ पर निगाह रखी जाती तो शायद बच्ची पंखे से ना झूलती। ऐसे में महिला थाने के एसएचओ अच्छर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की जा रही है और उनको सस्पेंड करने की मांग की जा रही है वहीं जिला पुलिस कप्तान निश्चिंत सिंह नेगी ने कहा कि वह इस पूरे मामले की गहनता से जांच के निर्देश दे चुके हैं।

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