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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को नशे के जाल से मुक्त कराने के लिए छेड़े गए अभियान के तहत पुलिस के स्पैशल सैल को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। शोघी में राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक बस में सवार तस्कर के नापाक मंसूबों को ध्वस्त करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की खेप बरामद की है।
जानकारी के अनुसार स्पैशल सैल की टीम शोघी के समीप नाकाबंदी कर आने-जाने वाले वाहनों की नियमित जांच कर रही थी। इसी बीच, वहां से गुजर रही एक बस को जांच के लिए रोका गया। बस के भीतर चैकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक व्यक्ति पर पड़ी, जिसकी गतिविधियां बेहद संदिग्ध प्रतीत हो रही थीं। पुलिस को देखकर घबराए यात्री के पिट्ठू बैग की जब तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित दवाइयों का जखीरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से 960 ट्रामाडोल कैप्सूल और 180 अल्प्राजोलम की गोलियां जब्त की हैं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान शिमला निवासी प्रवीण कुमार (41) पुत्र अतर सिंह के रूप में हुई है। मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध संबंधित थाने में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 22 और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
प्रारंभिक पूछताछ के बाद अब पुलिस की जांच इस बिंदु पर केंद्रित है कि प्रतिबंधित दवाइयों की यह खेप आखिर कहां से लाई गई थी और शिमला में इसे किन ठिकानों पर खपाया जाना था। पुलिस आरोपी के संपर्कों को खंगालने में जुट गई है, ताकि इस अवैध कारोबार के पीछे सक्रिय पूरे नैटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। मामले में आगामी अन्वेषण जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि गहन पूछताछ में नशे के इस नैटवर्क से जुड़े कई अन्य चेहरों से भी नकाब उतरेगा।









