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गारंटी समय से पहले ही उखड़ गई छलंडा-पीरन रोड़ की टायरिंग, 9 करोड़ की राशि से की गई थी टायरिंग

शिमला को जोड़ने वाला छलंडा-पीरन रोड़ की टायरिंग गारंटी से पहले ही उखड़ गई और लोक निर्माण विभाग द्वारा संबधित ठेकेदार से गारंटी समय से पहले सड़क के उखड़ने की मुरम्मत गत दो वर्षों से नहीं करवाई गई है और टायरिंग उखड़ने के कारण सड़क की हालत दिनप्रतिदिन खराब होने लगी है ।


बता दें कि छलंडा में लोक निर्माण विभाग द्वारा लगाए गए बोर्ड में दर्शाया गया है कि 28 किलोमीटर लंबी छलंडा-पीरन सड़क को पक्का करने का कार्य 24 जुलाई 2013 को आरंभ किया गया था जोकि 15 दिंसबर 2014 को पूर्ण कर लिया गया । जिस पर 9 करोड़ 8 लाख 67 हजार की राशि व्यय की गई है और बोर्ड पर स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है कि इस कार्य को पीके कंस्ट्रकशन कंपनी खलीनी शिमला द्वारा किया गया है और ठेकेदार द्वारा इस सड़क के कार्य की पांच साल की गारंटी दी गई है ।


पीरन पंचायत के ट्रहाई गांव के निवासी एवं जिला भाजपा सदस्य प्रीतम ठाकुर, समाज सेवी भगत चंद आन्नद और पूर्व प्रधान बालक राम निर्मोही ने बताया कि पिछले दो वर्षों में हुई बरसात के कारण टायरिंग उखड़ने से सारी सड़क मंे गडडे हो गए है और यदि इस सड़क की समय रहते मुरम्मत नहीं की गई तो सड़क की पहले वाली स्थिति हो जाएगी । उन्होने खेद प्रकट करते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा गारंटी पीरीयड होते हुए ठेकेदार से इस सड़क की मुरम्मत नहीं करवाई गई जिससे प्रतीत होता है कि ठेकेदार और विभाग के अधिकारियों में अच्छी सांठगांठ है ।


उन्होने विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि 9 करोड़ की राशि व्यय होने के बावजूद भी अगर सड़क की टायरिंग पांच साल से पहले ही टूट जाती है तो यह एक चिंतन और चिंता का विषय है । उन्होने सरकार से मांग की है कि इस सड़क के निर्माण कार्य की उच्च कमेटी से जांच करवाई जाए और गारंटी देने वाले ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही करके उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए । इसके अतिरिक्त इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाए ।अधीशासी अभियंता लोक निर्माण डिवीजन नंबर-1 शिमला प्रदीप कुमार भारद्वाज से दूरभाष पर जब इस बारे बात करनी चाही तो उन्होने इस बारे कोई टिप्पणी देने से इंकार कर दिया ।

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