कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारा, तीन साल में विकास पूरी तरह ठप : डॉ. राजीव बिंदल

कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारा, तीन साल में विकास पूरी तरह ठप : डॉ. राजीव बिंदल

सिरमौर में 100 से अधिक संस्थान बंद कर जनता के साथ विश्वासघात, पंचायत चुनाव में कांग्रेस से जवाब मांगेगी जनता : बिंदल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आज नाहन में जिला परिषद चुनावों को लेकर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के नामांकन के अवसर पर कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि त्रिलोकपुर वार्ड से भाजपा समर्थित उम्मीदवार एवं भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष, पूर्व बीडीसी सदस्य बहन प्रोमिला शर्मा तथा रेणुका-ददाहू वार्ड से माता रेणुका क्षेत्र की उम्मीदवार शिवानी आज अपना नामांकन दाखिल करेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों उम्मीदवार जनता के आशीर्वाद से भारी मतों से विजय प्राप्त कर जिला परिषद में क्षेत्र की आवाज को मजबूती से उठाएंगी।

डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों से विकास कार्य ठप पड़े हैं, लेकिन सरकार के खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के हितों के बजाय केवल अपने मित्रों और करीबी लोगों पर मेहरबान है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने तीन वर्षों में लगभग 45,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है और अब भी लगातार कर्ज लेने का सिलसिला जारी है। केवल इसी महीने लगभग 1500 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने की तैयारी की जा रही है। इसके बावजूद प्रदेश में विकास का कोई कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देता। जो सड़कें बन रही हैं वे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत केंद्र सरकार के पैसे से बन रही हैं, जो पुल तैयार हो रहे हैं वे सीआरएफ और केंद्र पोषित योजनाओं के माध्यम से बन रहे हैं तथा फोरलेन और राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सहयोग से तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की अपनी विकास योजनाएं पूरी तरह ठप हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने वित्तीय कुप्रबंधन और आर्थिक अव्यवस्था की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। आज पूरा हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सरकार से जवाब मांग रहा है कि आखिर प्रदेश को आर्थिक संकट में धकेलने का जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला में कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों की शह पर 100 से अधिक संस्थानों को बंद किया गया है। इनमें स्कूल, अस्पताल, पटवार सर्कल, तहसीलें, सब-तहसीलें, पीडब्ल्यूडी और आईपीएच कार्यालय शामिल हैं।

डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश में नए स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, पीएचसी, पटवार सर्कल और प्रशासनिक संस्थान खोलने का कार्य किया था ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को सुविधाएं मिल सकें, लेकिन कांग्रेस सरकार ने आते ही विकास के इन प्रतीकों पर ताले जड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि अब जनता कांग्रेस नेताओं से पूछ रही है कि आखिर जनता की सुविधाएं बंद करने का अधिकार उन्हें किसने दिया।

उन्होंने कहा कि अब खबरें आ रही हैं कि प्रदेश में 100 और स्कूल बंद करने की तैयारी चल रही है। यदि कांग्रेस सरकार का काम केवल संस्थानों को बंद करना ही रह गया है, तो फिर सरकार पर ही ताला लगा देना चाहिए। हालांकि सरकार खुद ऐसा नहीं करेगी, लेकिन प्रदेश की जनता आने वाले पंचायत और जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस को करारा जवाब देकर सरकार पर लोकतांत्रिक ताला लगाने का काम करेगी।

डॉ. बिंदल ने कहा कि पंचायत और जिला परिषद चुनाव केवल स्थानीय निकायों के चुनाव नहीं हैं, बल्कि कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों, आर्थिक कुप्रबंधन और विकास विरोधी सोच के खिलाफ जनता का जनमत भी हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर कांग्रेस सरकार की विफलताओं को जनता के सामने रखें और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को विजयी बनाएं।

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