Khabron wala
हिमाचल प्रदेश में इस बार पंचायत चुनावों को लेकर चुनावी माहौल गरमाया हुआ है. इसी बीच प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी शिमला में सेवा देने के बाद 65 साल के बस्तीराम शर्मा ने अब प्रधान पद के लिए ताल ठोकी है. आईजीएमसी से रिटायर होने के बाद बस्तीराम शर्मा गांव के विकास के लिए चुनावी मैदान में उतरे है. बस्तीराम शर्मा लंबे समय तक आईएमसी में कार्यरत रहे, इस दौरान उन्हें कई सामाजिक कार्य किए. उन्होंने प्राथमिकता के साथ अस्पताल में मरीजों का इलाज भी करवाया.
पहले रह चुके हैं कनेर पंचायत के प्रधान
बस्तीराम शर्मा आईजीएमसी शिमला में कार्यरत थे और आईजीएमसी कर्मचारी यूनियन के प्रधान भी रह चुके हैं. साल 2017 में बस्तीराम शर्मा आईजीएमसी शिमला से रिटायर हुए थे. वहीं, अब बस्तीराम शर्मा ने शिमला के टुटू में घणाहटी पंचायत के प्रधान पद के लिए चुनावी हुंकार भरी है, इससे पहले वे शिमला की कनेर पंचायत के प्रधान भी रह चुके हैं.
“घणाहटी पंचायत में कई ऐसे कार्य हैं जो करना बहुत जरूरी है. वर्तमान समय में युवा नशे की तरफ भटक रहा है, उसे नशे से बचाना और उसको रोजगार देना उनकी मुख्य प्राथमिकता है. युवाओं के लिए इस तरह की जाएंगी, जिससे उन्हें रोजगार मिल सके, चाहे वो खेती को लेकर हो या चाहे वो नगदी फसल को लेकर हो, उन्हें इस तरह के रोजगार के लिए जागरूक किया जाएगा. ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी कि वो रोजगार के लिए भटने ना और अपना जीवन यापन अच्छे से कर सकें.” – बस्तीराम शर्मा, प्रधान पद के उम्मीदवार
‘महिलाओं के लिए बनाई जाएगी योजनाएं’
बस्तीराम शर्मा ने कहा कि गांव में महिलाओं को स्वावलंबन बनाने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जताई हैं, जिनमें सरकार भी मदद करती है, लेकिन अभी भी महिलाओं को वो लाभ नहीं मिल पा रहा है, जो उन्हें मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि गांव में महिलाएं चील के पत्तों से टोकरी, अचार, शॉल और कई तरह की चीजें जैसे मफलर आदी को बनाकर बाजार में बेच सकती हैं, लेकिन उन्हें सामान बेचने के लिए अभी सुविधा नहीं मिल पा रही है. इसको लेकर भी एक विशेष प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि महिलाएं स्वावलंबी बन सकें और स्वयं सहायता समूह के तहत अपने उत्पादों को बाजारों में बेच सकें.
घणाहटी पंचायत में प्रधान पद के उम्मीदवार बस्तीराम शर्मा ने बताया कि उनकी पंचायत शहर से भी जुड़ी हुई है, इसलिए पार्किंग के लिए व्यवस्था करना भी जरूरी है, क्योंकि मुख्य सड़क मार्ग से यहां बाजार में जब लोग आते हैं तो उन्हें पार्किंग के लिए कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में पार्किंग की व्यवस्था करना भी उनकी मुख्य प्राथमिकता है. बस्तीराम शर्मा ने कहा कि गांव स्वच्छ रहे, इसके लिए भी योजना बनाई जाएगी. इसके अलावा किसानों के खेतों की फेंसिंग के लिए उन्हें जागरूक किया जाएगा, ताकि जंगली जानवरों से कृषि से को बचाया जा सके.
इन चीजों का भी होगा निर्माण
बस्तीराम शर्मा ने कहा कि गांवों में कई सड़कों की हालत खराब है, बारिश के दौरान यहां पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है, इसलिए बेहतर सड़कें बनाना मुख्य प्राथमिकता रहेगी. गांव में खेल का मैदान बनाया जाएगा, ताकि बच्चे मोबाइल की दुनिया से हट कर खेलों की ओर ध्यान दें. गांव में एक लाइब्रेरी बनाने की भी योजना है, ताकि बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं खाली समय में लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई कर सके. इसके अलावा गांव में पीने के पानी की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि लोगों को आसानी से पानी मिल सके.
हिमाचल में 31182 पदों पर पंचायत चुनाव
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में 26, 28 और 30 मई को प्रधान, उप-प्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के चुनाव के लिए मतदान होना है. प्रदेश भर में पंचायत सदस्य से लेकर जिला परिषद तक 31,182 पदों के लिए मतदान होगा, जिसके लिए 70,224 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे हैं. शिमला जिले में 6,118 उम्मीदवार चुनावी रण में उतरे हैं. प्रधान, उप-प्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य का चुनाव परिणाम मतदान वाले दिन ही घोषित किया जाएगा, जबकि जिला परिषद सदस्य का चुनाव परिणाम 31 मई को घोषित किया जाएगा.










