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हिमाचल में घर-घर ढूंढे जाएंगे कोरोना संदिग्ध , 1 अप्रैल से शुरू होगा एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां से प्रदेश के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत करते हुए निर्देश दिए कि कोविड-19 वायरस संक्रमण के दृष्टिगत कुछ होटलों, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं को चिन्हित किया जाए जहां लोगों को बेहतर सुविधाओं के साथ क्वारंटीन किया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्वारंटीन केन्द्रों में रखे गए लोगों को हर सम्भव सहायता प्रदान की जाए और इन केन्द्रों में सामाजिक दूरी बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संकट की इस घड़ी में पूर्ण समर्पण के साथ बेहतरीन सेवाएं प्रदान करने के लिए डाॅक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वच्छता कर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि हमें इन लोगों का मनोबल बनाए रखने में सहयोग देने की आवश्यकता है ताकि वे पूर्ण निष्ठा और समर्पण से अपना कार्य कर सकें।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पहली अपै्रल, 2020 से एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके अन्तर्गत स्वास्थ्य कर्मचारी लोगों के घर-घर जाकर कोविड-19 वायरस के लक्षणों के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। इस अभियान के अन्तर्गत आशा कार्यकर्ता दो लोगों के दल के साथ गांवों मंे घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल कर इसे गूगल फाॅर्म पर विभाग को सांझा करेंगे। यह अभियान प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक चलेगा और अभियान के उपरान्त संदिग्ध व्यक्तियों की स्वास्थ्य जाॅच की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के बाहर और प्रदेश के भीतर यात्रा करने वाले लोगों की पहचान के लिए पंचायती राज संस्थानों और स्थानीय शहरी निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की सहायता ली जाए। इससे राज्य सरकार को ऐसे लोगों की पहचान करने और उन्हें घर अथवा संस्थागत क्वारंटीन में रखने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने लोगों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिए उपायुक्तों को होम डिलीवरी प्रणाली पर विशेष ध्यान देने को कहा क्योंकि इससे समुचित सामाजिक दूरी बनाए रखने में सफलता मिलेगी। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को उनके घरों के समीप आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिए पंचायती राज संस्थानों को शामिल किया जाए। उन्होंने स्वयंसेवियों का भी आह्वान किया कि लोगों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने के लिए आगे आएं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस माह सेवानिवृत्त होने जा रहे तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, कानूनगो और पटवारियों को एक माह का सेवा विस्तार दिया जाएगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का कोई व्यक्ति अगर बाहरी राज्यों से यहां आया है तो उसकी पहचान कर 14 दिनों के लिए निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रदेश में स्थिति की निगरानी के लिए राज्य और जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इस वायरस के बारे में लोगों को विभिन्न माध्यमों से शिक्षित और जागरूक किया जा रहा है और इस कार्य में पंचायती राज संस्थानों व स्थानीय निकायों के पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अभी तक 3085 लोगों को कोरोना वायरस से निगरानी के लिए रखा गया जिनमें से 937 लोगों ने 28 दिनों की आवश्यक निगरानी अवधि पूरी कर ली है। कोविड-19 वायरस के लिए आज टाण्डा मेडिकल काॅलेज में 13 और आईएमसी शिमला में तीन सेम्पल लिए गए और सभी नेगेटिव पाए गए हैं। इस वायरस के लिए प्रदेश में अभी तक कुल 212 लोगों की जाॅंच की गई है।

मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि प्रशासन कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न हुई स्थिति में लोगांे को हर संभव सहायता प्रदान करेगा।

पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी ने कहा कि पुलिस को सक्षम प्राधिकरण द्वारा लोगांे को जारी किए गए मान्य पास का सम्मान करना चाहिए और बिना कारण उन्हें परेशान न किया जाए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार एवं आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा एवं ओंकार शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुुंडु, सचिव रजनीश व अक्षय सूद तथा निदेशक सूचना एंव जन सम्पर्क हरबंस सिंह ब्रसकोन भी बैठक में उपस्थित थे।

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