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पांवटा साहिब : कुछ समय पहले ही बीजेपी से कांग्रेस में आए नेता को मंडल बनाने पर घमासान

पांवटा साहिब : कुछ समय पहले ही बीजेपी से कांग्रेस में आए नेता को मंडल बनाने पर घमासान

सरदार हरप्रीत सिंह के पांवटा मंडल अध्यक्ष बनते कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है। हमेशा खुश कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले और कांग्रेस पार्टी का सत्यानाश करने वाले किरनेश जंग बोल रहे हैं कि कुछ समय पहले ही बीजेपी से कांग्रेस में नेता को मंडल बनाने पर पार्टी के कार्यकर्ताओं में रोष है। मंडल अध्यक्ष के लिए जो 4 नाम उन्होने भेजे थे। उसको नजरअंदाज किया गया। उन्होंने ये भी कहा कि सरदार अवनीत सिंह लांबा मेरे छोटे भाई हैं। जबकि सबको पता है लंबा और करने की जानकी आपस में कितनी बड़ी राजनीतिक दुश्मनी बनी है

पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस के पूर्व विधायक रहे स्वर्गीय रतन सिंह के पोते सरदार हरप्रीत सिंह के पांवटा कांग्रेस मंडल अध्यक्ष बनते ही मुख्यमंत्री सुखविंदर के बहुत गरीबी पांवटा नगर परिषद के मनोनीत पार्षद रहे , बैंक में निदेशक असगर अली ने अपनी पोस्ट में लिखा हार्दिक बधाई…. लेकिन साथ में बीजेपी में शामिल होने की पहले की तस्वीरें साझा कर दी। इसके अलावा पांवटा कांग्रेस के कई नेताओं ने इस मामले में चुपी साध ली हैं।

गौरतलब है कि पिछले साल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पांवटा साहिब दौरे के समय रामलीला मैदान पांवटा साहिब में जनसभा के दौरान कई लोगों को कांग्रेस में शामिल करवाया। और वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान स्वर्गीय सरदार रतन सिंह के पोते और जिला महासचिव रहे सरदार हरप्रीत सिंह भाजपा में गए थे। फिर इनकी वापसी करा दी।

इस दौरान भारतीय जनता पार्टी पांवटा मंडल के पूर्व महामंत्री रहे और बीजेपी से निष्कासित होने के बाद पिछला विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ने वाले आंज भोज क्षेत्र मनीष तोमर भी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। मनीष तोमर को वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय लगभग साढ़े तीन हजार मत मिले थे।

इसके अलावा कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी के टिकट पर पांवटा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले पूर्व यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे मनीष ठाकुर भी राजगढ़ में वापसी हो चुकी थी।इनको पांवटा साहिब से करीब 5 हजार वोट मिले थे। वोट विभाजन के कारण पांवटा विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार किरणेश को वर्ष 2017 और वर्ष 2022 में लगातार हार का सामना करना पड़ा है।

नवनियुक्त कांग्रेस मंडल के अध्यक्ष सरदार हरप्रीत सिंह ने कहा कि वह सबको साथ लेकर चलेंगे और यहां पर कांग्रेस को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करेंगे पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव में जीत दिलाने के लिए काम करेंगे।

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