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हिमाचल प्रदेश में मौसम खराब बना हुआ है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य जिलों में बारिश दर्ज की गई। वहीं राजधानी शिमला में जहां दोपहर बाद तेज बारिश हुई। वहीं कुफरी, फागू व महासू पीक समेत मंडी और सिरमौर जिले के कई क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई। कुफरी-महासू में निरंतर 4 दिन से ओलावृष्टि हो रही है। इससे सेब की फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है। वहीं प्रदेश के अन्य भागों में सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं।
धर्मशाला में 30.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज
बीते 24 घंटे के दौरान धर्मशाला में सबसे ज्यादा 30.6 मिलीमीटर, कांगड़ा, 29.4, सराहन 15.5, पालमपुर में 15.4, रोहड़ू में 14.0, मंडी में 13.4, जोगिंद्रनगर में 9.0 और कल्पा में 7.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने बुधवार को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़ की अन्य सभी जिलों में आंधी-तूफान के साथ आसमानी बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 7 से 9 मई तक पश्चिमी विक्षोभ थोड़ा कमजोर जरूर पड़ेगा लेकिन इस दौरान अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहने के आसार हैं। 10 मई और 11 मई को पूरे प्रदेश में बारिश होने की संभावना है।
तापमान में भारी गिरावट दर्ज
बारिश व ओलावृष्टि के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषकर किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कई क्षेत्रों में रात का पारा जमाव बिंदु के आसपास पहुंच गया है। किन्नौर के कल्पा का पारा 2.6 डिग्री, लाहौल-स्पीति के ताबो का 2.7, कुकुमसैरी का 2.9 और केलांग का 4.4 डिग्री सैल्सियस रह गया है। वहीं नाहन के तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 8.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शिमला का पारा सामान्य से 3.0 डिग्री नीचे गिरने के बाद 11.0 डिग्री रह गया है। वहीं भुंतर का अधिकतम तापमान नॉर्मल से 9.6 डिग्री नीचे गिरा गया।










