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हिमाचल में बारिश का कहर, कई मकान क्षतिग्रस्त; इन 7 जिलों में बाढ़ की चेतावनी

Khabron wala 

हिमाचल के चंबा जिले में मंगलवार को भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। इससे 25 से ज़्यादा घरों और एक दुकान को नुकसान पहुंचा तथा एक दर्जन से ज़्यादा गाड़ियां मलबे में दब गईं। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मंगलवार सुबह से हो रही लगातार बारिश के कारण जिले में नाले और नदियां उफान पर हैं, जिससे आस-पास के घरों में भारी मात्रा में मलबा भर गया है। सुल्तानपुर नाला विकराल रूप ले चुका है, जिससे चंबा के सुल्तानपुर मोहल्ले में 25 से ज़्यादा रिहायशी मकानों और एक दुकान को नुकसान पहुंचा है तथ लोग बहुत परेशान हैं।

वहीं, शिमला मौसम विभाग ने सात जिलों में आकस्मिक मध्यम स्तर की बाढ़ के खतरे की चेतावनी जारी की है। ये जिले चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन हैं। राज्य आपात अभियान केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण कुल 178 सड़कें बंद हैं। सबसे ज़्यादा सड़कें 58 मंडी ज़िले में बंद हुईं। कुल्लू में 42, चंबा में 30, सिरमौर में 26, शिमला में 16, लाहौल-स्पीति में तीन, कांगड़ा में दो और ऊना ज़िले में एक सड़क बंद है। कम से कम 107 जलापूर्ति परियोजनाओं और 62 बिजली ट्रांसफ़ॉर्मरों को नुकसान पहुंचा है।

भारी बारिश का ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी

शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के एक बयान के अनुसार, सतलुज जल आपूर्ति परियोजना में ट्रांसफॉर्मर खराब होने और अन्य जल स्रोतों में भारी गाद जमा होने एवं बाढ़ के कारण, अगले कुछ दिनों तक शिमला में जलापूर्ति बाधित हो सकती है। राज्य के कुछ इलाकों में अगले दो दिनों और तीन अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने का ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है। यह चेतावनी बुधवार के लिए सिरमौर जिले और बृहस्पतिवार के लिए बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर जिलों के लिए जारी की गई है। चंबा ज़िले के जोट में 137.8 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई। नैना देवी में 118 मिमी, मुरारी देवी में 83 मिमी, घमरूर और शिमला में 59.2 मिमी, ब्राह्मणी में 54.6 मिमी, जोगिंदरनगर में 52 मिमी, मलराओं में 47 मिमी, ओलिंडा में 44 मिमी, हमीरपुर में 43 मिमी और नगरोटा सूरियां में 42.2 मिमी में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, सुंदरनगर, कांगड़ा, जोट और मुरारी देवी में तेज़ बारिश के साथ आंधी-तूफ़ान भी आया। राज्य में 30 जून को मॉनसून की शुरुआत के बाद से अब तक भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की वजह से 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

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