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एक सप्ताह तक भारी बारिश का अलर्ट, मानसून से 177 मौतें और 955 करोड़ का नुक्सान

Khabron wala 

प्रदेश में इस वर्ष का मानसून सीजन भारी तबाही लेकर आया है। प्राकृतिक आपदाओं और हादसों में जहां अब तक कई जानें जा चुकी हैं और करोड़ों का नुक्सान हुआ है, वहीं पेयजल जैसी बुनियादी जनसुविधाएं भी चरमरा गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी पूर्वानुमान ने चिंताएं और बढ़ा दी हैं, क्योंकि आगामी सप्ताह में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान व्यापक तबाही हुई है। मानसून के दौरान आपदाओं से 77 लोगों की मौत हुई है, जबकि सड़क हादसों में 100 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। कुल मिलाकर अब तक 177 लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सार्वजनिक और निजी संपत्ति सहित विभिन्न विभागों को अब तक 955.52 करोड़ रुपए का नुक्सान हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 14 से 20 अगस्त के दौरान बारिश का दौर जारी रहेगा। राज्य में 14, 17 और 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 15, 16 और 19 अगस्त को भी तेज बारिश के आसार हैं। शिमला, कुल्लू, मंडी, चम्बा, कांगड़ा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से अधिक रह सकती है। मैदानी और निचले इलाकों में अधिकतम तापमान 31 से 38 डिग्री और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में 22 से 34 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। 21 से 27 अगस्त के बीच बारिश की तीव्रता में कमी आने और वर्षा के सामान्य से कम रहने का अनुमान है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र रिपोर्ट के अनुसार बुनियादी सुविधाओं को लेकर दिनभर में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। सुबह के समय राज्य में 200 सड़कें और 45 बिजली ट्रांसफार्मर ठप्प थे, लेकिन शाम 5 बजे तक स्थिति में सुधार हुआ। बंद सड़कों की संख्या घटकर 136 और बाधित ट्रांसफार्मरों की संख्या मात्र 9 रह गई है। इसके उलट, पानी की आपूर्ति की स्थिति शाम तक बेहद खराब हो गई। सुबह जहां 39 योजनाएं बाधित थीं, वहीं शाम को यह आंकड़ा अचानक बढ़कर 242 पर पहुंच गया। मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है।

यहां राज्य में सर्वाधिक 48 सड़कें और 212 पेयजल योजनाएं ठप्प पड़ी हैं। कुल्लू में 37 और शिमला में 26 सड़कें बंद होने से आवाजाही बुरी तरह प्रभावित है। शिमला में 15 पेयजल योजनाएं भी ठप्प हैं। बिजली आपूर्ति के मामले में चम्बा सबसे अधिक प्रभावित है। राज्य के कुल 9 बाधित ट्रांसफार्मरों में से 6 यहीं हैं और बाकी 3 शिमला में हैं, साथ ही यहां 13 पेयजल योजनाएं भी बंद हैं।

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