ADVERTISEMENT

हिमाचल में मानसून ने मचाई तबाही, 47 दिनों में 183 लोगों की मौत; नुकसान 972 करोड़ रुपए के पार

Khabron wala 

हिमाचल में मानसून कहर बनकर बरस रहा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, राज्य में मॉनसून के दौरान 47 दिनों में 183 लोगों की मौत हुई है, जबकि 30 जून से बारिश से जुड़ी घटनाओं और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण कुल नुकसान 972 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन सेल की कुल नुकसान रिपोर्ट में 30 जून से 15 अगस्त के बीच कुल वित्तीय नुकसान का अनुमान 97,263.91 लाख रुपए (लगभग 972.64 करोड़ रुपये) लगाया गया है। वहीं, 183 मौतों में से 79 मौतें प्राकृतिक आपदाओं और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं के कारण हुईं, जबकि इस अवधि के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 104 लोगों की जान चली गई। प्राकृतिक आपदा से जुड़ी मौतों में भूस्खलन के कारण 14 मौतें, खड़ी चट्टानों या पेड़ों से गिरने के कारण 27 मौतें, मौसम से जुड़ी अन्य घटनाओं के कारण 15 मौतें, सांप के काटने से आठ मौतें, बिजली का झटका लगने से आठ मौतें, डूबने से पांच मौतें और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में एक मौत शामिल है। साथ ही मॉनसून से जुड़ी घटनाओं में 291 लोग घायल हुए हैं और 31 लोग लापता हैं।

पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को हुआ सबसे ज़्यादा नुकसान

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 732 से अधिक पशुओं और 225 पोल्ट्री पक्षियों की भी मौत हुई है। सबसे ज़्यादा नुकसान पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (सार्वजनिक बुनियादी ढांचे) को हुआ है। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने 73,395.46 लाख रुपये के नुकसान की जानकारी दी है, इसके बाद जल शक्ति विभाग को 21,640.62 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान का अनुमान 530.61 लाख रुपये लगाया गया है। निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। 83 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए और 242 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। साथ ही, 260 पशु शेड भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रभावित परिवारों के लिए अब तक 592 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मंज़ूर की गई है।

वहीं, 15 अगस्त को शाम 5 बजे तक की सार्वजनिक सुविधाओं की ताज़ा स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, राज्य भर में 103 सड़कें बंद थीं। मंडी सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िला रहा, जहां 43 सड़कें बंद थीं। इसके बाद कुल्लू में 32 और चंबा में आठ सड़कें बंद थीं। कुल 46 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर क्षेत्र सेवा से बाहर थे, जिनमें से 39 मंडी में और पांच शिमला में थे। पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है और राज्य भर में 221 योजनाएं बाधित हुई हैं। इनमें से 209 योजनाएं मंडी ज़िले में हैं।

Related Posts

Next Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *