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स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने धर्मशाला में सरकारी जमीन के अवैध हस्तांतरण, फर्जी राजस्व रिकॉर्ड तैयार करने और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में विजिलेंस ने रक्कड़ निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 5 सितम्बर तक पुलिस रिमांड पर रखा गया था और अब उसे धर्मशाला की विशेष अदालत में दोबारा पेश कर आगे की रिमांड मांगी जाएगी।
यह कार्रवाई आरोपी के नाम पर दर्ज करीब 300 रजिस्ट्रियों की प्रारंभिक जांच के बाद अमल में लाई गई है। विजिलेंस की टीम ने रक्कड़ स्थित प्रॉपर्टी डीलर के घर पर दबिश देकर जमीन और संपत्ति से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके परिवार के नाम पर लगभग 400 कनाल जमीन दर्ज है। इसके अलावा, करोड़ों रुपए की लागत से बनी शानदार कोठी के निर्माण में इस्तेमाल हुए धन के स्रोतों को लेकर भी विजिलेंस परिवार के सदस्यों से कड़ी पूछताछ कर रही है।
सरकारी जमीन को निजी बताकर पत्नी के नाम खरीदा
विजिलेंस ने इस पूरे प्रकरण में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत सरकारी जमीन का गलत तरीके से इंतकाल (म्यूटेशन) कर उसे निजी व्यक्तियों के नाम चढ़ाया गया। इसके बाद सेल डीड या गिफ्ट डीड जैसे दस्तावेजों के जरिए इन जमीनों का अवैध हस्तांतरण किया गया। एक एफआईआर में धर्मशाला के घनियारा, चकबन घनियारा और इसके आसपास के इलाकों की सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े का जिक्र है। दूसरी एफआईआर रक्कड़-सिधवारी इलाके की जमीन से संबंधित है। विजिलेंस की जांच में सामने आया है कि साल 2019 में सरकारी जमीन के एक हिस्से का फर्जी म्यूटेशन करवाया गया और बाद में वही जमीन प्रॉपर्टी डीलर ने अपनी पत्नी के नाम पर खरीद ली।
क्या कहते हैं अधिकारी?
एसपी विजिलेंस रमन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी प्रॉपर्टी डीलर को 1 सितम्बर को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उसे 5 सितम्बर तक पुलिस रिमांड पर भेजा था। इस दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। मामले की गहन जांच जारी है और आज आरोपी को फिर से अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।









