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एक महीने से पंचायत सचिव नदारद, मिश्रवाला में विकास कार्य ठप

एक महीने से पंचायत सचिव नदारद, मिश्रवाला में विकास कार्य ठप

मनरेगा मजदूरों का भुगतान अटका, प्रमाण पत्र और पेंशन से जुड़े काम भी प्रभावित; ग्रामीणों ने BDO से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की

मिश्रवाला/पांवटा साहिब। ग्राम पंचायत मिश्रवाला में पंचायत सचिव के पिछले करीब एक महीने से कार्यालय में उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार सचिव की अनुपस्थिति के कारण पंचायत के विकास कार्यों के साथ-साथ आम जनता से जुड़े कई जरूरी प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव की अनुपलब्धता के चलते मनरेगा से संबंधित कार्यों और भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। डिजिटल हस्ताक्षर से जुड़े कार्य आगे नहीं बढ़ पाने के कारण विभिन्न विकास कार्यों की फाइलें लंबित बताई जा रही हैं। इससे गांव में रास्तों का निर्माण, नालियों की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट जैसे कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।

मनरेगा मजदूरों की बढ़ी परेशानी

सबसे अधिक परेशानी मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार कई मजदूरों का भुगतान लंबित है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने रोजमर्रा के खर्च को लेकर परेशानी पैदा हो रही है।

प्रमाण पत्र और पेंशन के कार्य भी प्रभावित

सचिव की अनुपलब्धता से परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण तथा विभिन्न दस्तावेजों से जुड़े सत्यापन जैसे कार्य भी प्रभावित होने की बात ग्रामीणों ने कही है। वहीं बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित आवेदन एवं सत्यापन की प्रक्रिया भी लंबित होने की शिकायत सामने आई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जानकारी संबंधित ब्लॉक अधिकारियों को भी दी गई है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खंड विकास अधिकारी (BDO) से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि वर्तमान पंचायत सचिव किसी कारणवश पंचायत में सेवाएं देने में असमर्थ हैं, तो जनहित में तत्काल किसी अन्य पंचायत सचिव को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जाए, ताकि विकास कार्य, मनरेगा भुगतान और जनता से जुड़े जरूरी प्रशासनिक कार्य दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो सकें।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले में जल्द कार्रवाई करे, ताकि पंचायत के कामकाज के साथ-साथ आम जनता की परेशानियों का भी समाधान हो सके।

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