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हिमाचल का बेटा भारतीय सेना में बनेगा जज, राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में हासिल किया सातवां स्थान

Khabron wala 

हिमाचल प्रदेश के युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और मेहनत का लोहा मनवाया है। मंडी जिले की बल्ह घाटी के लुनापानी गांव के रहने वाले सूर्य भान सिंह गुलेरिया ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसका सपना देश के हजारों युवा देखते हैं, लेकिन उस मुकाम तक पहुंच पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता।

कठिन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सूर्य भान ने पूरे देश में सातवां स्थान हासिल किया है और अब वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट (न्यायिक) के पद पर सेवाएं देंगे।

सूर्य भान सिंह गुलेरिया की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरी बल्ह घाटी और मंडी जिले में खुशी की लहर है। उनकी सफलता ने हिमाचल प्रदेश का नाम भी गौरवान्वित किया है।

भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट, संभालेंगे न्यायिक जिम्मेदारियां

सूर्य भान सिंह गुलेरिया का चयन भारतीय सेना की जज एडवोकेट जनरल (JAG) शाखा के लिए हुआ है। सेना की यह शाखा सैन्य कानून और न्यायिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को संभालती है। इस प्रतिष्ठित चयन के बाद सूर्य भान ने लेफ्टिनेंट के रैंक पर चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA Chennai) में प्रशिक्षण के लिए जॉइन कर लिया है।

यहां से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वह भारतीय सेना की न्यायिक सेवाओं में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। एक ओर वर्दी में देश की सेवा करने का अवसर और दूसरी ओर न्यायिक एवं कानूनी जिम्मेदारी—सूर्य भान की उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षा में हासिल किया सातवां स्थान

सूर्य भान सिंह गुलेरिया ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कठिन परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। देशभर के अभ्यर्थियों के बीच सातवां स्थान हासिल करना उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा को दर्शाता है। भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना देश के लाखों युवाओं की आंखों में होता है। लेकिन सेना की चयन प्रक्रिया की कठिन प्रतिस्पर्धा को पार कर अधिकारी पद तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। सूर्य भान ने न केवल इस चुनौती को पार किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थानों में जगह बनाकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।

पिता वन विभाग में रहे हैं वरिष्ठ अधिकारी

सूर्य भान सिंह गुलेरिया एक ऐसे परिवार से आते हैं, जिसमें शिक्षा और सार्वजनिक सेवा की मजबूत पृष्ठभूमि रही है। उनके पिता नागेश कुमार गुलेरिया भारतीय वन सेवा के अधिकारी रहे हैं और हिमाचल प्रदेश वन विभाग में प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (PCCF) के पद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं उनकी माता अनुपम गुलेरिया प्रदेश के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल के तौर पर सेवाएं दे रही हैं। माता-पिता की मेहनत और सेवा भावना के बीच पले-बढ़े सूर्य भान ने अपनी मेहनत के दम पर परिवार की उपलब्धियों में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।

सूर्य भान के चयन की खबर सामने आते ही लुनापानी और पूरी बल्ह घाटी में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की ओर से परिवार को बधाइयां दी जा रही हैं।

स्थानीय निवासी डॉ. रमेश चंद ने सूर्य भान सिंह गुलेरिया की इस उपलब्धि पर उन्हें और उनके माता-पिता समेत पूरे परिवार को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि सूर्य भान ने अपनी सफलता से क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

अब चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से सैन्य प्रशिक्षण लेकर सूर्य भान भारतीय सेना की न्यायिक सेवाओं में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि से बल्ह घाटी को अपने बेटे पर गर्व है और हिमाचल को एक और होनहार सैन्य अधिकारी मिला है।

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