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हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एमबीबीएस के छात्र से रैंगिंग केस में कॉलेज प्रशासन ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.
एंटी रैगिंग कमेटी की जांच के बाद बैच 2025 के नौ विद्यार्थियों को मामले में शामिल पाए जाने पर दो सप्ताह के लिए थ्योरी, क्लिनिकल और प्रैक्टिकल कक्षाओं में भाग लेने से निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा, तीन विद्यार्थियों पर 50-50 हजार रुपये और छह विद्यार्थियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. कॉलेज के प्रधानाचार्य कार्यालय की ओर से 14 अक्टूबर को आदेश जारी किए गए हैं.
एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्य सचिव को ई-मेल के माध्यम से रैगिंग की शिकायत प्राप्त हुई थी. इसके बाद मामले की जांच लागू एंटी रैगिंग नियमों और संस्थान की अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत की गई. जांच में नौ विद्यार्थियों की संलिप्तता सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर रमेश भारती ने बताया कि छात्र पुलकित सिंह, नितिन सेहरा और यश मोदी को रैगिंग की घटना के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार पाया गया है. इन तीनों को दो सप्ताह के लिए कक्षाओं से निलंबित करने के साथ प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
प्रिंसिपल ने बताया कि एमबीबीएस सेकेंड ईयर के स्टूडेंट समीर जसयाल, सोहेल खान, अर्शदीप सिंह, अनिरुद्ध शर्मा, विवेक कुमार और सूर्यान्श पठानिया को भी घटना में शामिल पाया गया और दो सप्ताह के लिए कक्षाओं से निलंबित किया गया है. कॉलेज प्रशासन ने सभी संबंधित विद्यार्थियों को आदेश जारी होने के एक सप्ताह के भीतर जुर्माने की राशि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट कार्यालय के अंतर्गत संचालित रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के स्टूडेंट फंड खाते में जमा करवाने के निर्देश दिए हैं. राशि जमा करवाने के बाद उसकी रसीद स्टूडेंट सेक्शन में प्रस्तुत करनी होगी.
इस केस में जूनियर छात्र ने ईमेल के जरिये शिकायत भेजी थी. इसमें आरोप लगाया था कि आरोपी छात्रों ने उसे कहा था कि वह जब भी उनसे मिलेगा तो आंख से आंख नहीं मिलाएगा और नजर नीचे रखकर बात करेगा. साथ ही हमेशा डॉक्टर साहब कहकर संबोधित करने के लिए भी कहा था।












