(नीना गौतम) पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-3 में अपने हक कीलड़ाई लड़ रहे लारजी पंचायत के ग्रामीणों ने अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी है। अनशन पर बैठे ग्रामीणों को नाम तो कोई भूख है और ना ही प्यास उन्हें तो सिर्फ पार्वती में नौकरी चाहिए। एनएचपीसी कार्यालय के बाहर डटे लारजी पंचायत के प्रतिनिधि व ग्रामीण शुक्रवार से अनशन पर बैठे हैं लेकिन हैरानी वाली बात है कि दूसरे दिन भी ना तो कोई राजनेता और ना ही जिला प्रशासन का कोई प्रतिनिधि ग्रामीणों की सुध लेने नहीं पहुंचा है।
लिहाजा लारजी पंचायत के ग्रामीण अपनी मांग को लेकर डटे हुए हैं और अपना अनशन निर्बाध रूप से जारी रखा है। लारजी पंचायत की प्रधान कांता देवी ने बताया कि शुक्रवार को बंजार के एसडीएम उनके सामने से गुजरे लेकिन लारजी पंचायत के ग्रामीणों व अनशन पर बैठे लोगों का हाल तक नहीं पूछा जिससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है उन्होंने कहा कि एनएचपीसी प्रशासन की मिलीभगत के चलते लारजी पंचायत के लोगों को रोजगार में अड़चन आ रही है।
उधर, लारजी के लोगों ने नौकरी के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिया है।
अनशन पर बैठे पंचायत प्रतिनिधियों में एक सदस्य की हालत बिगड़ी जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि एक महिला की हालत बिगडऩे पर स्वास्थ्य विभाग भी जाग उठा है तथा शनिवार को डॉक्टर की टीम रूटीन स्वास्थ्य चेकअप करने के लिए विहाली पहुंची वहीं क्रमिक अनशन के दूसरे दिन भी ग्रामीण जहां भूखे पैसे बैठे हुए हैं वहीं, रात को अंधेरे व ठंड में अपना समय व्यतीत कर रहे हैं। दूसरी तरफ ग्रामीणों का अनशन एनएचपीसी मुर्दाबाद के साथ शुरू होता है जबकि समापन में एनएचपीसी को खरी खोटी सुनाई जाती है। बहर हाल लारजी के ग्रामीण अपनी हक की लड़ाई के लिए पार्वती 3 में डटे हुए हैं












