हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष रहे पांवटा साहिब के प्रसिद्ध समाजसेवी मदनलाल खुराना का गत दिवस निधन हो गया। मदन लाल खुराना का व्यापार मंडल तथा पूरे क्षेत्र में उनका अमूल्य योगदान रहा।
डॉ. मदन लाल खुराना करीब 15 वर्षों तक यूथ कांग्रेस के प्रधान तथा 5 वर्षों तक मंडल कांग्रेस के प्रधान भी रहे। राजनीति के साथ-साथ उन्होंने व्यापार और सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। वे भारत-तिब्बत मैत्री समिति के प्रधान रहे।
व्यापारियों के हितों की आवाज को मजबूती से उठाते हुए उन्होंने करीब 8 वर्षों तक व्यापार मंडल पांवटा साहिब के अध्यक्ष और लगभग 10 वर्षों तक हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वर्तमान में वे हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के चेयरमैन के पद पर कार्यरत थे।
सामाजिक समरसता और दलित समाज के उत्थान के क्षेत्र में भी डॉ. खुराना का योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने करीब तीन वर्षों तक दलित साहित्य अकादमी, जिला सिरमौर के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 1999 में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह के दौरान तत्कालीन उपराष्ट्रपति द्वारा उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा वे भारतीय उद्योग व व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे।
डॉ. मदन लाल खुराना का जीवन व्यापारियों के हितों, सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा। उनके निधन को पांवटा साहिब के सामाजिक और व्यापारी जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके मधुर व्यवहार, मिलनसार व्यक्तित्व और समाज के प्रति समर्पण को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
उनकी अंतिम यात्रा गत दिवस बुधवार को दोपहर 1 बजे यमुना विहार कॉलोनी, वार्ड नंबर-5, शमशेरपुर, पांवटा साहिब स्थित उनके निवास से निकली अंतिम संस्कार स्वर्ग धाम, पांवटा साहिब में किया गया । डॉ. खुराना के निधन पर क्षेत्र के लोगों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। डॉ ख़ुराना के निधन पर अलग- अलग संस्थाओ व राजनतिक संगठनों ने शोक प्रकट किया है
उनके अंतिम संस्कार तक उनके सम्मान में पांवटा साहिब के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान दोपहर तक (खाद्य एवं औषधि संबंधी को छोड़कर) बंद रखने का अनुरोध किया गया था









