पांवटा साहिब : चेक बाउंस मामले में दोषी जसवंत सिंह ठक्कर की अपील खारिज, तीन माह की सजा बरकरार , कोर्ट परिसर से भेजा गया जेल
आरोपी पूर्व विधायक किरणेश जंग का खास आदमी , अपने आप को बताता है चौधरी परिवार का राइट हैंड , अपहरण और अन्य वारदातों को किरणेश जंग के इशारे पर देता था अंजाम
अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में पांवटा साहिब के दोषी जसवंत सिंह ठक्कर की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने निचली अदालत के जून 2025 में दिए दोषसिद्धि और सजा के आदेश को बरकरार रखा है।
इसके बाद आरोपी को कोर्ट परिसर से ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था इसके बाद आरोपी को नाहन जेल भेज दिया गया है कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने आरोपी को नाहन जेल में शिफ्ट किया है
मिली जानकारी के अनुसार जसवंत सिंह पुत्र जगदीश चंद्र निवासी वार्ड नंबर 1 भूपुर ने एक व्यक्ति से पैसे उधार लिए थे इसकी ऐवज में उसने एक चेक दिया था परंतु बाद में यह चेक बाउंस हो गया आरोपी के खाते में कोई राशि नहीं थी जिसके बाद पीड़ित कोर्ट में पहुंचा और मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरा होने के बाद आरोपी जसवंत सिंह को पांवटा साहिब की कोर्ट के जज ने यह सजा सुनाई है
मामला परमजीत वर्मा बनाम जसवंत सिंह से संबंधित है। आरोपी ने वर्ष 2018 में अलग-अलग तारीखों पर चार लाख रुपये उधार लिए थे। इसके भुगतान के लिए आरोपी ने दो लाख रुपये का चेक जारी किया। बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक अपर्याप्त धनराशि की टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया।
इसके बाद 30 जून 2025 को निचली अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन माह के कारावास और 3.20 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। अपील में आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि चेक सुरक्षा के तौर पर दिया गया था और उसने कथित रकम वापस कर दी थी। अदालत ने पाया कि आरोपी के बयानों में विरोधाभास थे। अदालत ने कहा कि निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है।










