पांवटा साहिब दीपावली से पहले मिठाई के नाम पर जहर , दूसरे राज्यों से आयात हो रही मिलावटी मिठाइयां
Khabron wala
थोड़े दिन पहले ही रामपुर घाट में एक जगह मिठाई बन रही थी जिसमें नकली मिठाई तैयार किए जाने और गंदगी में मिठाई बनाने के दावा किया गया था इसके बाद अधिकारी हरकत में आए और वहां पर पहुंचकर सैंपल भरे आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने सैंपल भरने में धोखाधड़ी की है और भ्रष्टाचार कर मिठाई बनाने वाले मालिक से बढ़िया क्वालिटी के सैंपल लेकर लैब में भेज दिए हैं इससे पहले भी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं और शहर में नकली व गंदा सामान बेचने के बावजूद कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप है आरोप है कि गन्दी जगह जगह मिठाई बनने वाली फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान निर्माणशाला से दो संदिग्ध नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, लैब रिपोर्ट आने के बाद प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में जब प्रियंका कश्यप से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनको अपना काम करना आता है अपने ऊपर लग रहे आरोपों का उन्होंने खंडन किया
दीपावली के त्योहार पर बाजार में मावा, घी और मिठाइयों में मिलावट का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है, लेकिन खरीदते समय आपको खुद भी सतर्क रहना चाहिए।
नकली और मिलावटी मिठाई की पहचान कैसे करें?
मावा और खोया की जांच (आयोडीन टेस्ट): FSSAI के अनुसार, मावा के थोड़े से नमूने को पानी में उबालकर ठंडा करें और उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। अगर मिश्रण का रंग नीला हो जाता है, तो इसका मतलब है कि उसमें स्टार्च (अरारोट/आटा) की मिलावट है।
चांदी के वर्क की जांच: मिठाई पर लगे चांदी के वर्क को उंगलियों के बीच रगड़ें या आग दिखाएं। असली चांदी रगड़ने पर आसानी से घुल जाती है या मलहम जैसी बन जाती है, जबकि एल्युमिनियम का नकली वर्क वैसा ही रहता है या काला पड़ जाता है।
रंगों की जांच: बहुत ज्यादा चमकीले, चटक या आंखों को चुभने वाले रंगों वाली मिठाइयां खरीदने से बचें, क्योंकि उनमें हानिकारक केमिकल या गैर-मानक कृत्रिम रंग हो सकते हैं।
गंध और बनावट: मिठाई से यदि किसी तरह की असामान्य या बासी गंध आए, या बनावट सामान्य से अलग लगे, तो उसे न खरीदें।
स्वास्थ्य जोखिम
नकली मावे या सिंथेटिक दूध में डिटर्जेंट, स्टार्च और वेजिटेबल ऑयल का इस्तेमाल होता है।
इससे फूड पॉइजनिंग, पेट में संक्रमण (इंफेक्शन) और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
गैर-अनुमोदित और औद्योगिक रंगों के सेवन से एलर्जी, त्वचा पर चकत्ते या सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
त्योहार पर मिलावट से बचने के लिए कोशिश करें कि मिठाई किसी भरोसेमंद और लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान से ही खरीदें या संभव हो तो घर पर ही शुद्ध सामग्री से मिठाई तैयार करें।







