Khabron wala
हिमाचल में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखा रहा है। कुल्लू जिला के आनी में राणाबाग-देहुरी सड़क पर करोईगाड़ के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इसमें रामपुर के निजी अस्पताल में कार्यरत डा. बृज लाल और उनकी पत्नी सुनीता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी भव्या घायल हो गई। वहीं, मनाली की बुरुआ पंचायत के शिलिंग नाले में बादल फटने से भयंकर तबाही मची है। पानी और मलबा सीधे सेब के बगीचों में घुस गया, जिससे 100 से अधिक सेब के पेड़ बह गए और कई बगीचे पूरी तरह मलबे में दब गए।
राज्य आपदा प्रबंधन के अनुसार, शुक्रवार शाम तक प्रदेश में 122 सड़कें, 19 बिजली ट्रांसफार्मर और 31 पेयजल योजनाएं बाधित रहीं। सबसे बुरी स्थिति मंडी जिले की है, जहां 54 सड़कें और 12 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। किन्नौर के प्रवेश द्वार चौरा के पास भूस्खलन से एन.एच.-05 कुछ समय के लिए पूरी तरह कट गया, जिसे मशीनों से बहाल किया गया। वहीं, मनाली में पलचान पुल के पास भूस्खलन हुआ और सोलंग घाटी मार्ग पर मलबा आ गया, जिसे हटाने का काम बी.आर.ओ. कर रहा है। शुक्रवार को शिमला में सबसे अधिक 34 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने आगामी 6 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम और कई क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। 1 अगस्त को चम्बा, कांगड़ा और सिरमौर, 2 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर, 3 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी, 4 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, चम्बा और मंडी और 5 और 6 अगस्त को कई स्थानों पर भारी वर्षा होने का यैलो अलर्ट जारी किया है।
