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चिडगांव तहसील के अंतर्गत देवीधार क्षेत्र में चरस तस्करी के मामले में विशेष न्यायाधीश रोहड़ू की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए नेपाली मूल के आरोपी विक्रम सिंह उर्फ वीर को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को 3 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामला चिड़गांव थाना में दर्ज अभियोग संख्या 27/2025, दिनांक 18 मार्च 2025 से संबंधित है। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार 18 मार्च 2025 को पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को नशीले पदार्थों की रोकथाम से संबंधित सूचना मिली। पुलिस टीम ने देवीधार क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई।
शाम करीब 5:15 बजे देवीधार पुल के पास एक व्यक्ति पैदल जाता हुआ दिखाई दिया, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 460 ग्राम चरस बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी की पहचान विक्रम सिंह उर्फ वीर पुत्र जन बहादुर निवासी उजा वार्ड नंबर 23, अंचल राप्ती जिला रोल्पा नेपाल के रूप में हुई।
सरकार की ओर से मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी सुचिता अग्रवाल ने की। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष पुलिस कार्रवाई, बरामदगी तथा अन्य साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी माना और उक्त सजा सुनाई।









