कोटखाई सूरज कस्टोडियल डेथ केस में आरोपित हिमाचल पुलिस के पूर्व IG जहुर हैदर जैदी को एक बार फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है| बता दें कि जैदी की नियमित जमानत शुक्रवार को CBI की विशेष अदालत ने खारिज कर दी है। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने पूर्व IG जैदी को तुरंत गिरफ्तार कर मॉडल जेल भेज दिया।
गौरतलब है कि CBI ने जैदी पर शिमला की एसपी सौम्या पर अपने पक्ष में गवाही देने का दबाव डालने और सुुबूतों के छेड़छाड़ करने के मामले में उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज करने की CBI की स्पेशल कोर्ट में याचिका दायर की थी।
बता दें बीते 18 जनवरी को सूरज मौत मामले के समय शिमला में तैनात एसपी सौम्या की गवाही हुई, जिसमें उन्होंने जैदी पर उनको परेशान करने के आराेप लगाए थे। इसके साथ ही एप्लीकेशन दायर करते हुए बताया था कि जैदी ने उन्हें फोन कर उनके पक्ष में गवाही देने के लिए दबाव बनाया और उनके द्वारा मानसिक रूप से परेशान किया गया। इसके बाद कोर्ट ने डीजीपी हिमाचल को आदेश जारी कर कानून के मुताबिक एक्शन लेने लिए कहा था। इसके बाद जैदी को बीते दिनों उनके पद से दोबारा हटा दिया गया था।
यह है मामला
चार जुलाई 2017 को कोटखाई के एक स्कूल की छात्रा अचानक लापता हो गई। दो दिन बाद जंगल से छात्रा का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी। IG जैदी की अगुवाई में बनी एसआइटी ने केस को सुलझाने का दावा करते हुए एक स्थानीय युवक और पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया था। इनमें नेपाली मूल का सूरज नामक युवक भी था। कोटखाई थाने में सूरज की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
CBI जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी। मामले में CBI ने IG जहुर हैदर जैदी, एसपीडी डब्ल्यू नेगी, ठियोग के डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंद्र सिंह, एएसआइ दीप चंद, हेडकांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफी अली और कांस्टेबल रंजीत समेत कुल नौ लोगों को आरोपित बनाया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केस को चंडीगढ़ स्थित CBI की विशेष कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था।











