श्रीरेणुकाजी विस के नौहराधार तहसीलदार कार्यलय में सोमवार ग्रामिणों व किसानों ने सोशल डिटेन्स को ध्यान में रखते हुए तहसीलदार नौहराधार की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही तहसीलदार मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। ग्रामिणों का आरोप है कि 15 पंचायतो के लोगों से शिकायत मिल रही थी कि तहसीलदार द्वारा कार्यलय में आम जन मानस से सही व्यवहार नहीं किया जाता है। प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान जब सारी शक्तियां प्रशासन को दी गई है, तो नोहराधार तहसीलदार राजीव रांटा शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे है। जिसका खमियाजा क्षेत्र की गरीब जनता को झेलना पड़ रहा है।
नौहराधार के वरिष्ठ नंबरदार वीरेंदर सिंह, उपप्रधान चोकर भीम सिंह, व्यापार मंडल प्रधान नौहराधार जोगेन्दर सिंह चौहान, श्रीरेणुकाजी भाजपा मंडल उपाध्यक्ष विजेंदर चौहान, भाजपा वरिष्ठ नेता रविंदर चौहान, दिनेश चौहान, श्रीरेणुकाजी यूथ कांग्रेस अध्यक्ष विवेक चौहान, जिला कांग्रेस सचिव अशोक ठाकुर, महिपाल, कुलदीप व यशपाल ने बताया कि कफ्र्यू के दौरान बीमारी एवं कृषि संबधी पास बनवाने के लिए तहसीलदार के पास जाते है, तो तहसीलदार पास ना बना के उनके साथ अभद्र व्यवहार करता है। साथ ही ग्रामीणों को ऑनलाइन पास बनाने की बात करता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पिछडे क्षेत्र में गांव में सभी के लोगों के पास ऑनलाइन सुविधा नहीं है।
सोमवार को नौहराधार के वरिष्ठ नंबरदार, जिनका चौरास में एक फिश फार्म है, मछलीओ का दाना जो कुल्लू जिला के पतलीकुहल से गिरिपुल आना था। तो उनको अपना फीड लाने के लिए नौहराधार से परमिशन चाहिए थी। परमिशन की एप्लिकेशन लेकर करीब 11 बजे तहसील कार्यलय गए थे, तो वहां तहसीलदार नदारद पाए गए। चतुर्थ क्षेणी कर्मचारी एप्लिकेशन लेकर उनके रिहायशी मकान पर गया। जहां उन्होंने परमिशन देने से मना कर दिया। थोड़ी देर बाद तहसीलदार राजीव रांटा नाइट ड्रेस में ही कार्यलय आए व बजुर्ग के साथ गाली गलौच व बदसलूकी की। जिसके बाद मजबूरन क्षेत्र ग्रामिणों ने सोशल डिस्टेंस का ध्यान रख कर कार्यलय के बाहर धरना व नारेबाजी की। क्षेत्र वासियो ने तहसीलदार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए जिलाधीश सिरमौर से मांग की है कि उक्त तहसीलदार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए व इस घड़ी में क्षेत्र वासियो की समस्याओं को हल किया जाए।
उधर जब इस संदर्भ में नौहराधार के तहसीलदार राजीव रांटा ने बात कि गई तो उन्होंने बताया कि वीरेंदर सिंह अपने फिश फार्म के मछलीओ का दाना के लिए गिरिपुल से नौहराधार के लिए परमिशन के लिए आये थे। जब उनसे कहा गया कि वह इसके बिल व अन्य दस्तावेज व्यट़सअप पर मंगवा ले, हम कार्यलय में प्रिंट निकाल कर परमिशन जारी कर देगे। तब वह मौके पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। साथ ही वह कफ्र्यू में फार्म में रेगुलर आने जाने के लिए परमिशन भी मांग रहे थे, जो कफ्र्यू के नियमों के अनुसार नहीं दी जा सकती है। जब वह ग्रामिणों के साथ आये और मेरे साथ अभद्र व्यवहार करने लगे, तो पुलिस को मौके पर बुलाना पडा। वही उपायुक्त सिरमौर डॉ. आरके परूथी ने बताया कि ग्रामिणों की शिकायत मिली है। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उचित कार्रवाही की जायेगी।












