पावटा साहिब : सड़क से वंचित गांव में ढाई घंटे का सफर कर पहुंचने वाले पहले अधिकारी बने बी डी ओ गौरव धीमान

स्वतंत्रता के बाद से लेकर आज तक एक ऐसा गांव है जहां पर सड़क नहीं पहुंच पाई है कई नेता अधिकारी आकर चले गए परंतु यह गांव आज भी सड़क से वंचित है दुखद बात यह है कि जब कोई बीमार हो जाता है या अन्य कोई परेशानी हो जाती है तो लोगों को पैदल ही ढाई घंटे का सफर तय कर सड़क तक पहुंचना पड़ता है हैरानी की बात तो यह भी है कि आज तक कोई भी आला अधिकारी यहां तक नहीं पहुंच पाया है हां पांवटा साहिब में तैनात कई अधिकारी कई ऐसी जगह तक पहुंच गए जहां पर मौज-मस्ती के लिए उनको झरने तक मिल जाते हैं वहां अधिकारी मौज मस्ती करने कई बार पहुंच चुके हैं परंतु ऐसी गांव की सुध लेने की फुर्सत अधिकारियों के पास नहीं है जहा सड़क तक नहीं है वही नेता भी केवल वोट लेने के लिए यहां पर पहुंच जाते हैं |

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पांवटा साहिब की डांडा पंचायत के अंतर्गत शमियाला गांव में वीडियो पाँवटा गोरव धीमान  के पहुंचने पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया आपको बता दें कि इस दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के गांव शमियाला में आज तक कोई भी उच्च अधिकारी नहीं पहुंचा है क्योंकि इस गांव में सड़क नहीं है लिहाजा यहां आने के लिए लोगों को पैदल चलना पड़ता है

शुक्रवार को भी बी डी ओ पाँवटा गौरव धीमान  शमियाला पहुंचे यहां पहुंचने के लिए वह लगभग ढाई घंटा पैदल चले ढाई घंटा पैदल चलने के बाद वह इस गांव में पहुंचे जहां पहुंचकर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया आपको बता दें शमियाला गांव सड़क से वंचित  है यहां पर जिला परिषद से सड़क के लिए ₹200000 आए थे कुछ पैसा मनरेगा के द्वारा भी आया था मगर फिर भी पैसों की कमी के कारण इस गांव में सड़क नहीं पहुंच पाई है लिहाजा अब बिडिओ गौरव धीमान के गांव में पहुंचने के बाद लोगों को एक बार फिर से उम्मीद जगी है | वीडियो गौरव धीमान ने बताया कि वह शमियाला गांव पहुंचे हैं और उम्मीद है कि यहां पर जो सड़क का कार्य नहीं हो पाया है उसे वह पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे और उनकी यही कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द इस गांव में सड़क बने |

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