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जिला सिरमौर के नौहराधार इलाके में मंदिर में हुई चोरी के एक मामले में राजगढ़ की माननीय अदालत ने 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 2-2 वर्ष के साधारण कारावास और 2500-2500 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जेएमएफसी राजगढ़ ऋतु सिन्हा की अदालत ने 2014 में गैलियो शिरगुल मंदिर नौहराधार में हुई चोरी के मामले में दोषियों को आईपीसी की धारा 457 में 2 साल की सजा और एक हजार रुपए का जुर्माना, 380 में एक साल की सजा और 500 रुपए जुर्माना, 411 में एक साल की सजा और एक हजार रुपए जुर्माने का फैसला सुनाया। मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी अमरीक सिंह ने की
सहायक जिला न्यायवादी विकास शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अगस्त 2014 में गैलियो शिरगुल मंदिर के पुजारी रघुवीर सिंह ने पुलिस चौकी नौहराधार में चोरी की शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और एएसआई देवराज ठाकुर ने मामले की जांच की।
पुलिस की जांच में 6 आरोपी संलिप्त पाए गए, जिसमें रामचंद्र पुत्र रखा राम निवासी कालर, तहसील अर्की (सोलन), रोशनलाल पुत्र हेतराम निवासी कालर, तहसील अर्की (सोलन), कालू पुत्र सीताराम निवासी शराड़ाघाट, जिला सोलन, कमलेश पुत्र काकुराम निवासी बरवाला, (सोलन), ओमप्रकाश पुत्र गोपाल सिंह निवासी जुखाला, (सोलन) और हरिंद्र सिंह पुत्र जियालाल निवासी पट्टा बोरोबरी, (सोलन) को गिरफ्तार किया गया था।
तफ्तीश पूरी होने के बाद जांच आधिकारी ने अदालत में चालान पेश किया। इस मामले में 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। तमाम साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर राजगढ़ की अदालत ने इन सभी दोषियों को उक्त सजा सुनाई।










