जन संपर्क को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने डिजिटल गेट पास प्रणाली का शुभारम्भ किया

जन संपर्क को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने डिजिटल गेट पास प्रणाली का शुभारम्भ किया

जनता और सरकार के बीच डिजिटल सेतु का कार्य करेगा एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री से भेंट की प्रक्रिया को सरल एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश राज्य सचिवालय में मौजूदा प्रवेश व्यवस्था के साथ डिजिटल गेट पास प्रणाली शुरू की गई है। इस ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से डाउनलोड करने योग्य डिजिटल गेट पास स्वतः तैयार होगा, जिससे मैनुअल कागजी प्रक्रिया की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। बिना पूर्व अनुमति के आने वाले आगंतुकों के लिए भी स्वागत कक्ष से सीधे गेट पास जारी किए जा सकेंगे। इसमें ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण तथा आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन जैसी उन्नत पहचान सत्यापन सुविधाएं शामिल की गई हैं। सुरक्षा कर्मियों द्वारा डिजिटल गेट पास पर उपलब्ध बारकोड स्कैन कर प्रवेश सत्यापन किया जाएगा।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मुलाकात और आधिकारिक बैठकों के समन्वय को सुचारू बनाने के उद्देश्य से नई एकीकृत डिजिटल प्रणाली ‘यूनिफाइड डिजिटल कैलेंडर एंड अपॉइंटमेंट मैनेजमेंट सिस्टम’ का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए प्रमुख इंटरफेस के रूप में कार्य करेगा तथा राज्यभर के सरकारी अधिकारियों के पेशेवर कैलेंडर के प्रबंधन के लिए मजबूत ढांचा भी प्रदान करेगा। यह पहल जनता और सरकार के बीच डिजिटल सेतु का कार्य करेगी, जिससे जन संपर्क अधिक सुविधाजनक और प्रभावी बनेगा।

यह प्रणाली विभिन्न सरकारी विभागों को एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बैठक संबंधी आग्रह भेजने की सुविधा भी प्रदान करेगी। बैठक स्वीकृत होते ही संबंधित अधिकारियों के डिजिटल कैलेंडर में स्वतः समन्वय हो जाएगा तथा संबंधित विभागों को तुरंत सूचना भेज दी जाएगी।

इससे पूर्व, सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने दिल्ली स्थित हिमाचल भवन और हिमाचल सदन तथा चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन में आगंतुकों को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था में सुधार तथा आगंतुकों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करवाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन भवनों के रख-रखाव और मरम्मत का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सरकारी परिसंपत्तियों के प्रबंधन एवं संचालन में पेशेवर दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए ताकि यहां ठहरने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि इस पहल को पायलट आधार पर हिमाचल भवन, दिल्ली से शुरू किया जाए।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली में निर्माणाधीन हिमाचल निकेतन के कार्य की समीक्षा करते हुए परियोजना को 15 जून से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बुकिंग के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए क्यूआर कोड आधारित भुगतान सुविधा शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि यह सुविधा राज्यभर के परिधि गृहों की बुकिंग व्यवस्था में भी लागू की जानी चाहिए।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए, जबकि प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव डॉ. अभिषेक जैन, राकेश कंवर और आशीष सिंहमार, निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार डॉ. निपुण जिंदल, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन हरबंस सिंह ब्रास्कॉन, उप सचिव सामान्य प्रशासन अनिल मनकोटिया तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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