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हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाते हुए बीते 10 अगस्त को जारी किए गए तबादला आदेशों में आंशिक संशोधन किया है और पुलिस कर्मियों को पदोन्नति का लाभ दिया है। पुलिस मुख्यालय से जारी नई अधिसूचना के अनुसार दो हिमाचल पुलिस सेवा (एचपीएस) अधिकारियों की नियुक्तियों में फेरबदल किया गया है, जबकि एक अधिकारी के स्थानांतरण आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
संशोधित आदेशों के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) दूसरी भारतीय आरक्षित वाहिनी सकोह से कमांडेंट होमगार्ड्स कुल्लू के पद पर अंडर-ट्रांसफर चल रहे अधिकारी हेमंत कुमार को अब एएसपी तीसरी भारतीय आरक्षित वाहिनी पंडोह (जिला मंडी) का कार्यभार सौंपा गया है। इसी प्रकार एएसपी सोलन से एएसपी लीव रिजर्व पुलिस मुख्यालय (शिमला) के लिए स्थानांतरित किए गए राज कुमार की नियुक्ति में भी बदलाव किया गया है। उन्हें अब एएसपी पांचवीं भारतीय आरक्षित वाहिनी बस्सी (जिला बिलासपुर) भेजा गया है। वहीं एएसपी लीव रिजर्व (जिला ऊना) से एएसपी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (कुल्लू) के पद पर अंडर-ट्रांसफर चल रहे अधिकारी सुरेंद्र कुमार के तबादला आदेश को सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया है।
तबादलों के अलावा राज्य पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को प्रमोशन का तोहफा भी दिया गया है। विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की सिफारिशों पर मुहर लगाते हुए कुल 195 कर्मियों को पदोन्नत किया गया है। इसके अंतर्गत 103 हैड कांस्टेबलों को प्रमोट कर सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) बनाया गया है, जबकि 92 एएसआई को पदोन्नत कर सब-इंस्पेक्टर का रैंक प्रदान किया गया है।
सब-इंस्पैक्टर के 91 पद रिक्त, 2020 से नहीं हुई सीधी भर्ती
पुलिस विभाग के कार्यकारी संवर्ग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में सब-इंस्पैक्टर के 91 पद अभी भी रिक्त चल रहे हैं। विभागीय नियमों के तहत इन पदों में से 60 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से और शेष 40 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के जरिए भरे जाने का प्रावधान है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि राज्य में वर्ष 2020 के बाद से सब-इंस्पैक्टर के पदों पर कोई सीधी भर्ती नहीं की गई है, जिसके चलते सीधी भर्ती कोटे के पदों का बैकलॉग बना हुआ है।








