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अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट के नोटिस से उद्योग जगत में मचा हड़कंप, लघु उद्योग भारती सिरमौर ने CM को लिखा पत्र, मांगी राहत

Khabron wala 

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड की ओर से विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट की मांग को लेकर उद्योग जगत में हड़कंप मच गया है। इसे लेकर लघु उद्योग भारती की सिरमौर इकाई ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजकर अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट के मांग नोटिसों की समीक्षा करने और फिलहाल इनकी वसूली पर रोक लगाने की मांग की है।

लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अखिल महेश्वरी ने सरकार के भेजे पत्र में कहा कि विद्युत बोर्ड की ओर से लोड स्वीकृत करने और कॉन्ट्रैक्ट डिमांड में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान एचपीईआरसी सिक्योरिटी डिपॉजिट रेगुलेशन, 2005 के रेगुलेशन-6 का हवाला देते हुए औद्योगिक इकाइयों को लाखों रुपये की अतिरिक्त राशि जमा करवाने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अचानक जारी हुए इन नोटिसों से उद्योगों के सामने आर्थिक दबाव और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि खासकर कालाअंब समेत सिरमौर व आसपास के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों की इससे चिंता बढ़ गई है।

अखिल महेश्वरी ने कहा कि सूक्ष्म और लघु उद्योग सीमित वित्तीय पुंजी और नियमित रोटेशन वाली कार्यशील पूंजी के सहारे संचालित होते हैं। कच्चे माल, कर्मचारियों के वेतन, माल ढुलाई और बिजली के नियमित बिलों के भुगतान के बाद अतिरिक्त नकदी उपलब्ध नहीं रहती है। ऐसे में लाखों रुपये की राशि सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में एकमुश्त जमा कराने से उद्योगों की कार्यशील पूंजी प्रभावित हो जाएगी।

लघु उद्योग भारती ने आशंका जताई कि अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने से उत्पादन लागत पर भी असर पड़ेगा। हिमाचल के उद्योग पहले से बिजली कटौती, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और बाजार में प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में अचानक अतिरिक्त वित्तीय भार से छोटे उद्योगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

पत्र में ये भी कहा गया है कि आर्थिक दबाव के कारण कुछ इकाइयों को उत्पादन सीमित करने या कारोबार बंद करने तक की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और राज्य के राजस्व पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

लघु उद्योग भारती ने कहा कि वह विद्युत बोर्ड के वित्तीय हितों और संभावित जोखिमों की सुरक्षा की आवश्यकता को समझता है, लेकिन उद्योगों की व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए एकमुश्त लाखों रुपये की राशि जमा करवाना उचित नहीं है।

संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जारी किए गए अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट के नोटिसों की व्यापक समीक्षा कर तत्काल वसूली पर रोक लगाई जाए। साथ ही, यदि नियमों के तहत राशि जमा करवाना अनिवार्य है तो उद्योगों को एकमुश्त भुगतान के बजाय आसान, ब्याज-मुक्त और लंबी मासिक किश्तों में भुगतान की सुविधा दी जाए।

इसके अलावा लघु उद्योग भारती और अन्य औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर उद्योगों और विद्युत बोर्ड दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की गई है।

लघु उद्योग भारती की ओर से इसकी प्रतियां राज्यपाल, उद्योग मंत्री, उद्योग एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों, एचपीएसईबीएल के प्रबंध निदेशक, एचपीईआरसी के अध्यक्ष, जिला उद्योग केंद्र सिरमौर और उपायुक्त सिरमौर को भी भेजी गई हैं।

 

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