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हिमाचल प्रदेश की राजनीति में लोक जनशक्ति पार्टी ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। पार्टी के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष नितिन चौहान उर्फ टिंकू ने रविवार को कालाअंब से नाहन तक समर्थकों के बड़े काफिले के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। सैकड़ों वाहनों के काफिले और बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी ने नाहन की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। नितिन चौहान को नाहन विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रहे स्व. सदानंद चौहान का पुत्र होने के चलते इस क्षेत्र में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चेहरा माना जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार कालाअंब से शुरू हुआ उनका काफिला नाहन पहुंचा। शहर में नितिन चौहान ने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर माथा टेका। उन्होंने कच्चा टैंक स्थित जामा मस्जिद के समीप रुकने के बाद गुरुद्वारा साहिब दशमेश स्थान और कालीस्थान मंदिर में शीश नवाया। इसके बाद शाम करीब 4 बजे किसान भवन में आयोजित जनसभा में समर्थकों को संबोधित किया। काफिले के कारण शहर में यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए समर्थकों ने स्वयं यातायात व्यवस्था संभालने में सहयोग किया।
नितिन चौहान की राजनीतिक सक्रियता इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उनके पिता स्वर्गीय सदानंद चौहान के नेतृत्व में लोक जनशक्ति पार्टी नाहन विधानसभा क्षेत्र से हिमाचल विधानसभा तक पहुंच चुकी है। नितिन चौहान अक्टूबर 2017 में अपने परिवार के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। अब उन्होंने एक बार फिर लोक जनशक्ति पार्टी की कमान संभालते हुए अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
हालांकि, नितिन चौहान ने अपने संबोधन में भाजपा या कांग्रेस के खिलाफ सीधे तौर पर कोई आक्रामक बयान नहीं दिया, लेकिन उनके शक्ति प्रदर्शन में जुटी भीड़ ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है। नाहन विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से जुड़े कई चेहरों और समर्थकों की मौजूदगी को भी राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में लोजपा की भूमिका और उसके संभावित राजनीतिक विस्तार को लेकर अटकलें तेज होना स्वाभाविक है।
नितिन चौहान ने अपने राजनीतिक एजेंडे में युवाओं और रोजगार को प्रमुखता दी। उन्होंने प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और युवाओं को पार्टी से जोड़ने की बात कही। उन्होंने बेरोजगारी को प्रदेश की बड़ी चुनौती बताते हुए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने और रोजगारपरक विजन तैयार करने पर जोर दिया। उनके रविवार के शक्ति प्रदर्शन ने फिलहाल यह संकेत जरूर दिया है कि लोक जनशक्ति पार्टी हिमाचल में संगठन विस्तार के साथ अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की तैयारी में है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि कालाअंब से नाहन तक दिखाई दिया यह शक्ति प्रदर्शन आने वाले समय में प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों तक किस रूप में पहुंचता है और नितिन चौहान की अगुवाई में लोजपा हिमाचल की राजनीति में कितनी प्रभावी भूमिका तैयार कर पाती है।









