पांवटा साहिब : अमरजीत सिंह बिट्टा और गुर्गों के खिलाफ अवैध खनन करने पर FIR दर्ज , पॉल्यूशन बोर्ड के आदेशों पर बिजली का कनेक्शन काटने के बावजूद माइनिंग विभाग की मिलीभगत से क्रेशर मालिक करवा रहा था अवैध खनन
डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि खनन माफिया के खिलाफ पांवटा साहिब पुलिस की कार्रवाई जारी है और अवैध खनन करने वालों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा उन्होंने बताया कि देर रात भी खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खनन करने वाली लोडर व गाड़ी ट्रैक्टर को जप्त किया गया है मामला दर्ज होने की पुष्टि करते हुए उन्होंने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कार्रवाई शुरू कर दी गई है उन्होंने कहा कि बिट्टा क्रेशर की भी जांच की जाएगी की बंद होने के बावजूद अवैध खनन किस आधार पर किया जा रहा था उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बावजूद पुलिस ने देर रात आरोपियों को काबू किया है और पूछताछ की जा रही है जिसमें खनन करने वाले सरगना का नाम सामने आया है
स0उ0नि0 दिनेश कुमार के रुक्का पर मामला दर्ज दर्ज थाना किया गया है कि आज दिनांक 17/10/26 को समय करीब 10.30 बजे रात जब स0उ0नि0 दिनेश कुमार मय मुलाजमान के तथा जैर रहनुमाई खुद के ब्राये गश्त व माईनिंग चैकिग आदि लोअर देवीनगर यमुना नदी रवाहडा पर पहुंचा तो एक JCB, एक ट्रैक्टर व एक टिप्पर अवैध खनन करके सरकारी जमीन से रेत व बजरी चौरी करते हुए पाए गए जो पुलिस पार्टी को देखकर एक दम से मौका से भाग गए जिन्हे करीब 100 मी0 दुर हमराही मुलाजमानो की सहायता से काबु किया गया तो JCB (लोडर) का नम्बर UK07HD-0801, टिप्पर का नम्बर HP17G-6448,व ट्रैक्टर पर कोई भी नम्बर प्लेट न लगी पाई
जो पुछने पर JCB(लोडर) चालक ने अपना नाम सोनी पुत्र श्री समेर चंद निवासी गाव खेडी डा0 रायपुर थाना मिर्जापुर तहसील बेहट जिला सहारनपुर व उम्र 36 साल, टिप्पर चालक ने अपना नाम अजय पुत्र श्री मोती लाल निवासी गाँव बौडियां डा0 व तहसील गौला थाना बिजोआ जिला लखीमपुर उ0प्र0 व उम्र 19 साल तथा ट्रैक्ट्रर चालक ने अपना नाम सुनील पुत्र श्री सुरेन्द्र निवासी गाँव बाडवाला डा0 चिल्लोआ थाना व तहसील बिकासनगर जिला देहरादुन उतराखंड व उम्र 21 साल बतलाया जो मौका पर उपरोक्त टिप्पर व ट्रैक्टर चालकों ने टिप्पर मे लोड किया हुआ ग्रेवल (रेत व बजरी) आदि को चलते चलते जेक उठाकर गिरा दिया जो सोनी, अजय व सुनील कुमार उपरोक्त द्वारा रात के समय यमुना नदी रवाहडा/ सरकारी जमीन से इस प्रकार अवैध खनन करके ग्रेवल(रेत बजरी) चौरी करके ले जाना जुर्म अधीन धारा 303(2),3(5) BNS व 21 MMDR ACT का पाया गया
जिस पर मुकदमा उपरोक्त दर्ज थाना किया गया मुकदमा हजा की तफ्तीश एएसआई दिनेश कुमार जांच अधिकारी थाना पाँवटा साहिब द्वारा अमल मे लाई जा रही है । मामले में FIR नंबर 223/26 दिनांक 18/10/26 को बीएनएस की धारा 303(2),3(5) व & 21 MMDR ACT के तहत दर्ज किया गया है बताया जा रहा है कि इन मशीनों का मालिक बिट्टा स्टोन क्रशर का मालिक अमरजीत सिंह बिट्टा है देर रात और आज सुबह तक आरोपी पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाता रहा और मामले को दबाने का दबाव डालता रहा वहीं फर्जी समाज सेवी बना पत्थर चोर चुनाव लड़ने के सपने देख रहा है और सरेआम थाने में जाकर अधिकारियों पर दबाव डाल रहा है कि मामला निपटा दिया जाए और आरोपी का नाम कैस में ना जोड़ा जाए और बड़ी-बड़ी गाड़ियां लेकर पुलिस स्टेशन के बाहर खड़े रहे एसपी सिरमौर निश्चिंत सिंह नेगी के आदेशों के बाद ईमानदार SHO बलवंत सिंह व डीएसपी दबंग डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर ने एफआईआर दर्ज करवा कार्रवाई शुरू कर दी है
बिट्टा स्टोन क्रशर से जुड़े होने की जांच
मामले में जब्त मशीनों और वाहनों का संबंध बिट्टा स्टोन क्रशर के मालिक अमरजीत सिंह बिट्टा से होने की बात सामने आई है। हालांकि, वाहन स्वामित्व और कथित अवैध खनन में उनकी भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
बताया जा रहा है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों के बाद क्रशर का बिजली कनेक्शन काटा गया था। इसके बावजूद कथित रूप से खनन गतिविधियां जारी रहने के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है। पुलिस ने संकेत दिया है कि क्रशर बंद होने के बावजूद खनन किस आधार पर किया जा रहा था, इसकी भी जांच की जाएगी।
DSP मानवेंद्र ठाकुर ने क्या कहा?
डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर ने बताया कि पांवटा साहिब पुलिस अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मामले में FIR दर्ज होने की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच अधिकारी एएसआई दिनेश कुमार मामले की आगामी जांच कर रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई से खनन कारोबारियों में हलचल
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को अवैध खनन के खिलाफ अहम कदम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि किसी क्रशर के संचालन पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हो चुकी थी, तो उससे जुड़ी मशीनें कथित रूप से खनन गतिविधियों में कैसे इस्तेमाल हो रही थीं। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि इस गतिविधि के पीछे किन लोगों की भूमिका थी और संबंधित विभागों की ओर से क्या निगरानी की गई थी।









