ADVERTISEMENT

पांवटा साहिब : AVN रिजॉर्ट के संचालन पर लगा स्टे हटा , हाईकोर्ट ने दिवली से पहले मालिकों को दी बड़ी राहत 

पांवटा साहिब : AVN रिजॉर्ट के संचालन पर लगा स्टे हटा , हाईकोर्ट ने दिवली से पहले मालिकों को दी बड़ी राहत

मामले में प्रतिवादी पक्ष को बड़ी राहत हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने संयुक्त संपत्ति के उपयोग की अनुमति दी

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने अश्वनी गोयल बनाम विजेश कुमार गोयल एवं अन्य मामले में पूर्व में पारित अंतरिम आदेश में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। पूर्व आदेश से प्रतिवादियों के वादग्रस्त परिसर में कोई भी कार्य करने पर पूर्ण रोक लगी थी, चाहे वह AVN Associates के नाम से हो, उनके अपने नाम से हो या किसी अन्य नाम से। माननीय न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की अदालत ने इस आदेश में संशोधन करते हुए प्रतिवादियों को वादग्रस्त संपत्ति के उपयोग की अनुमति प्रदान कर दी है।

प्रतिवादियों की ओर से न्यायालय का ध्यान वाद-पत्र के कथनों की ओर दिलाते हुए यह दलील दी गई कि प्रतिवादी वादग्रस्त संपत्ति के सह-स्वामी (co-sharers) हैं। यह संपत्ति हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) की है, इसलिए प्रतिवादियों को इसका उपयोग करने का अधिकार है।

साझेदारी भंग हो जाने के कारण वादी की यह प्रार्थना मानी जा सकती है कि प्रतिवादी साझेदारी फर्म का नाम प्रयोग न करें, परंतु भूमि के सह-स्वामी होने के नाते प्रतिवादियों को अपने कब्ज़े वाली भूमि के उपयोग से किसी भी स्थिति में रोका नहीं जा सकता।पूर्व आदेश के कारण प्रतिवादियों को अपनी भूमि के उपयोग में कठिनाई हो रही है, इसलिए आदेश में इस सीमा तक संशोधन किया जाए कि प्रतिवादी अपनी भूमि और संपत्ति का उपयोग कर सकें, परंतु साझेदारी फर्म के नाम से नहीं।

न्यायालय ने इस बात पर ध्यान दिया कि वाद-पत्र में ही यह स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है कि वादग्रस्त संपत्ति HUF संपत्ति है, वादी और प्रतिवादी सगे भाई हैं, और संपत्ति के विभाजन का वाद इसी न्यायालय में विचाराधीन है। इन तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने पूर्व आदेश में संशोधन करने में कोई बाधा नहीं पाई।

संशोधित आदेश के अनुसार प्रतिवादी उस संपत्ति का उपयोग करने के हकदार होंगे, जो पक्षकारों के बीच संयुक्त बनी हुई है।संशोधन के बाद अब प्रतिवादियों पर केवल दो शर्तें रह गई हैं कि प्रतिवादी भंग साझेदारी फर्म AVN Associates के नाम से कोई व्यवसाय नहीं चलाएंगे और प्रतिवादी वादग्रस्त संपत्ति में किसी तृतीय पक्ष का हित सृजित नहीं करेंगे।इन दो शर्तों के अधीन प्रतिवादी अब वादग्रस्त संपत्ति का उपयोग कर सकते हैं। यह आदेश संयुक्त संपत्ति के उपयोग और भंग साझेदारी फर्म के व्यवसाय के बीच न्यायालय द्वारा किए गए स्पष्ट अंतर को रेखांकित करता है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *