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देवभूमि में नशे का जहर घोलने वालों को खिलाफ शिमला पुलिस की स्पैशल सैल और डिटैक्शन टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने केवल स्थानीय पैडलरों तक सीमित न रहते हुए बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर पंजाब में दबिश देकर चिट्टे के दो मुख्य सप्लायरों को धर दबोचा है। गिरफ्तार किए गए इन दो बड़े सरगनाओं में से एक शातिर कानून के शिकंजे से बचने के लिए पड़ोसी देश नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
इस ऑप्रेशन की पहली कड़ी 27 अक्तूबर को उस वक्त जुड़ी थी, जब पुलिस ने शोघी बैरियर पर नाकाबंदी के दौरान एक टैक्सी में सवार अमृतसर निवासी रेशम सिंह को 257 ग्राम चिट्टे की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया था। मामले की गहन तफ्तीश में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि नशे की यह खेप ननखड़ी क्षेत्र के कुख्यात तस्कर बलबीर सिंह उर्फ फौजी (52) को सप्लाई की जानी थी। इसके बाद शिमला पुलिस के स्पैशल सैल ने अपना जाल बिछाया और 5 नवम्बर को अमृतसर में दबिश देकर बलबीर को ठीक उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह देश छोड़कर नेपाल फरार होने की योजना को अंतिम रूप दे रहा था। पकड़े गए आरोपी बलबीर का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके विरुद्ध पहले से ही आबकारी व एनडीपीएस अधिनियम के तहत 6 संगीन मामले दर्ज हैं।
वहीं, दूसरी बड़ी कामयाबी कोटखाई पुलिस थाना के अंतर्गत सामने आई है। बीते 27 सितम्बर को पुलिस ने गुम्मा में तीन युवकों के कब्जे से 50 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए और बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए पुलिस टीम ने 5 नवम्बर को पंजाब में दबिश देकर मुख्य सप्लायर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा (35) निवासी लुधियाना को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। गिरफ्तार किया गया गुरप्रीत नशे की दुनिया का एक बड़ा खिलाड़ी है, जिस पर पंजाब में पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत 2.415 किलोग्राम और 230 ग्राम हैरोइन की तस्करी जैसे बड़े मामले दर्ज हैं।
पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिमला मेहर पंवर ने पत्रकार वार्ता में स्पष्ट किया कि शिमला पुलिस नशे की सप्लाई चेन को जड़ से नेस्तनाबूद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए पुलिस की आक्रामक कार्यशैली को सांझा करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में जहां केवल 15 और वर्ष 2025 में मात्र 8 मुख्य सप्लायर पकड़े गए थे, वहीं वर्ष 2026 में पुलिस ने रिकॉर्डतोड़ कार्रवाई करते हुए अब तक 94 मुख्य सप्लायरों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है और 69 अंतर्राज्यीय नशा नैटवर्क पूरी तरह ध्वस्त किए हैं। एएसपी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नशे के किसी भी सौदागर को बख्शा नहीं जाएगा।









